कांकेर में आदिवासी समाज ने कलेक्टर के सामने रखे अहम मुद्दे, गोंडी विद्यालयों पर भी हुई चर्चा

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कांकेर। कलेक्टर कुंदन कुमार से मंगलवार को सर्व आदिवासी समाज कांकेर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान जिले के खनिज प्रभावित ग्रामों से जुड़े विषयों के साथ आदिवासी समाज की परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और शिक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

गायता-पुजारियों की भूमिका और सम्मान पर चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पारंपरिक सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्थाओं में गायता-पुजारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन में उनकी जिम्मेदारी को देखते हुए समाज में उन्हें उचित सम्मान और पहचान मिलना जरूरी है।

इस पर कलेक्टर कुंदन कुमार ने भी स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ गायता-पुजारियों के सम्मान के महत्व पर प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की।

दो गोंडी विद्यालयों का भी उठा मुद्दा

मुलाकात के दौरान सर्व आदिवासी समाज द्वारा संचालित दो गोंडी विद्यालयों के संबंध में भी चर्चा हुई। इनमें वल्लेकनार (सेमर गांव) और सोड़े स्थित विद्यालय शामिल हैं।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार दोनों विद्यालयों में करीब 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने विद्यालयों में वर्तमान व्यवस्थाओं और आवश्यक सहयोग से जुड़े विषयों की जानकारी कलेक्टर को दी।

कलेक्टर ने कहा कि वे दोनों विद्यालयों का दौरा कर व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे और नियमानुसार आवश्यक सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

सामाजिक और शैक्षणिक विषयों पर सकारात्मक चर्चा

सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष कन्हैया उसेंडी ने बताया कि कलेक्टर के साथ यह सौजन्य मुलाकात थी। इस दौरान समाज से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विषयों पर सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के उपाध्यक्ष रविशंकर नेताम, धनीराम ध्रुव, हल्बा समाज के जिला अध्यक्ष प्रकाश दीवान, रामकुमार देहारी, नेमूराम कश्यप, रत्तूराम नेताम, चंद्रहास नेताम, शकुंतला दीवान, सनमती आंचला, संत सलाम, श्यामू मरकाम और संतलाल दुग्गा सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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