
कांकेर | cg dastak
कांकेर जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक बेहद सराहनीय और मानवीय पहल की है। कांकेर पुलिस द्वारा कांकेर मेले में आने वाले बच्चों को “सुरक्षा कार्ड” प्रदान किया जा रहा है, जिससे मेले में बच्चों के खोने या भटकने की स्थिति में उन्हें तुरंत उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
यह पहल निखिल राखेचा, पुलिस अधीक्षक कांकेर के निर्देशानुसार शुरू की गई है। कार्यक्रम का संचालन आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन और दिनेश सिन्हा के पर्यवेक्षण में किया जा रहा है। इस अभियान की नोडल अधिकारी प्रतिभा लहरे हैं, जिनके नेतृत्व में महिला रक्षा टीम कांकेर सक्रिय भूमिका निभा रही है।

क्या है सुरक्षा कार्ड?
मेले में आने वाले छोटे बच्चों को पुलिस द्वारा एक विशेष परिचय पत्र (सुरक्षा कार्ड) दिया जा रहा है, जिसमें—
- बच्चे का नाम
- पालक/अभिभावक का नाम
- पालक का मोबाइल नंबर
स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा रहा है। यह कार्ड बच्चे की जेब में रखा जा रहा है, ताकि यदि बच्चा भीड़ में बिछड़ जाए या रास्ता भटक जाए, तो तुरंत परिजनों से संपर्क किया जा सके।
जनता में दिखा उत्साह

इस पहल का असर मौके पर ही देखने को मिल रहा है। कई मामलों में बच्चे पुलिस के पास पहुंचने से पहले ही सुरक्षा कार्ड के माध्यम से अपने परिजनों से मिल जा रहे हैं। वहीं अभिभावक भी खुद आगे आकर अपने बच्चों के लिए सुरक्षा कार्ड बनवाने में रुचि दिखा रहे हैं। आम नागरिकों ने कांकेर पुलिस की इस पहल की खुले दिल से सराहना की है।
बाल सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम
कांकेर पुलिस की यह पहल न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है। मेले जैसे भीड़भाड़ वाले आयोजनों में यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है।










