आबकारी विभाग में नौकरी के ₹3 लाख? WhatsApp मैसेज के बाद बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने

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ऑपरेटर, ड्राइवर और कांस्टेबल की नौकरी का दावा; ₹35 हजार वेतन बताया, रकम और दस्तावेज लेकर कुशालपुर बुलाया

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर ₹3 लाख मांगने का मामला सामने आया है। CG Dastak को मिले WhatsApp संदेश में ऑपरेटर, ड्राइवर और कांस्टेबल की नौकरी का दावा करते हुए करीब ₹35 हजार वेतन बताया गया। संदेश में संबंधित व्यक्ति को ₹3 लाख और दस्तावेज लेकर शाम को रायपुर के कुशालपुर चौक आने के लिए कहा गया।

मामला यहीं तक सीमित नहीं है। CG Dastak के पास संदेश भेजने वाले व्यक्ति से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

🎙️ बातचीत में क्या हुआ?

CG Dastak की ओर से जब इस संबंध में सवाल किया गया कि सरकारी नौकरी के लिए पैसे लेना गलत है, तो बातचीत में सामने वाले व्यक्ति से यह भी पूछा गया कि क्या वह पुलिस से है।

बातचीत के दौरान CG Dastak की ओर से स्पष्ट किया गया कि हम पत्रकार हैं और न्यूज से जुड़े हैं, इसलिए नौकरी के नाम पर पैसे मांगने की बात उचित नहीं है।

❓ सबसे बड़ा सवाल—नौकरी सरकारी है या कोई और व्यवस्था?

आबकारी विभाग की आधिकारिक 2025 आरक्षक भर्ती में आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और व्यापम के माध्यम से निर्धारित की गई थी।

ऐसे में किसी WhatsApp नंबर से नौकरी के बदले ₹3 लाख मांगने का दावा गंभीर सवाल खड़ा करता है।

हालांकि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि संदेश भेजने वाला व्यक्ति आबकारी विभाग का कर्मचारी है या विभाग की ओर से अधिकृत व्यक्ति है।

यही कारण है कि मामले की जांच में मोबाइल नंबर, WhatsApp चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, संभावित बैंक/UPI लेन-देन और संबंधित व्यक्ति का विभाग से संबंध महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।

🔎 CG Dastak के 7 सवाल

  • ₹3 लाख किस बात के लिए मांगे गए?
  • ऑपरेटर, ड्राइवर और कांस्टेबल की कौन-सी भर्ती की बात की जा रही थी?
  • ₹35 हजार वेतन का आधार क्या था?
  • उम्मीदवार को कुशालपुर चौक ही क्यों बुलाया गया?
  • क्या इससे पहले किसी अभ्यर्थी से रकम ली गई?
  • संदेश भेजने वाले का आबकारी विभाग या किसी manpower/placement agency से क्या संबंध है?
  • क्या आबकारी विभाग और पुलिस इस नंबर तथा रिकॉर्डिंग की जांच करेगी?

⚠️ एक और महत्वपूर्ण तथ्य

आबकारी विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति से जुड़ा एक पुराना मामला मई 2026 में सूरजपुर न्यायालय तक पहुंचा, जिसमें अदालत ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास की सजा दी थी।

इसलिए मौजूदा WhatsApp संदेश को हल्के में लेने के बजाय पूरी जांच की जरूरत है।

CG Dastak की मांग

आबकारी विभाग और पुलिस को चाहिए कि इस मामले में उपलब्ध WhatsApp चैट, मोबाइल नंबर और ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर यह स्पष्ट करें कि:

क्या यह फर्जी नौकरी का ऑफर है?

क्या किसी नेटवर्क द्वारा युवाओं से पैसे मांगे जा रहे हैं?

या संदेश भेजने वाले का वास्तव में किसी विभागीय/मैनपावर व्यवस्था से संबंध है?

जब तक जांच पूरी नहीं होती, CG Dastak किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहा है।

संबंधित व्यक्ति/विभाग का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

CG Dastak — हर खबर, सीधा सच!

🌐 www.cgdastak.com

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