अवैध शिकार के दौरान युवक की मौत, सबूत मिटाने शव का कराया अंतिम संस्कार; 12 आरोपी गिरफ्तार

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। CG DASTAK 

जीपीएम पुलिस ने सुलझाई अंधे कत्ल की गुत्थी, मुख्य आरोपी समेत 12 लोग गिरफ्तार, हथियार और मोबाइल जब्त

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले के थाना गौरेला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरमोहली में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में सामने आया कि युवक की मौत अवैध शिकार के दौरान गोली लगने से हुई थी। घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने परिजनों को धमकाकर शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया।

पुलिस के अनुसार, 28 जून 2026 को ग्राम दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान सामने आया कि अवैध शिकार के दौरान मुख्य आरोपी रामायण सिंह कुशराम द्वारा चलाई गई गोली सरवन सिंह के सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक को तीन गोलियां लगी थीं।

घटना के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रात में घर लाया और अगले दिन सुबह जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। साथ ही मृतक के पिता और भाई को धमकी दी गई कि यदि उन्होंने किसी को घटना की जानकारी दी तो उन्हें भी गोली मार दी जाएगी।

मामले में थाना गौरेला में अपराध क्रमांक 298/26 के तहत धारा 105, 238(ख), 351(3), 190 बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की गई।

वैज्ञानिक जांच और साइबर सेल की मदद से खुलासा

पुलिस को प्राप्त गुप्त सूचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के विस्तृत बयान और साइबर सेल की तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने किया यह सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:

01 नग भरमार बंदूक

01 नग एयर गन

03 मोबाइल फोन

बरामद किए हैं।

गिरफ्तार 12 आरोपी

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी ग्राम दरमोहली, पडखुरी (थाना गौरेला) तथा पेंडरीपानी (थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश) के निवासी हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में:

रामायण सिंह कुशराम (मुख्य आरोपी), संतलाल सिंह धुर्व, लक्ष्मण यादव, कमलेश कुमार सलाम, कैलाश सिंह ओह्टी, अर्जुन सिंह, बलराम सिंह गोंड उर्फ कुमरिहा, अवधराज उर्फ अधरू गोंड, सुरजन सिंह धुर्व, बैधा उर्फ बेदराम गोंड, भान सिंह उर्फ भानू एवं मुरारी गोंड शामिल हैं।

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में उप पुलिस अधीक्षक सत्यकला रामटेके के नेतृत्व में थाना गौरेला, साइबर सेल एवं पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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