SECR रायपुर मंडल में बड़ा विवाद वरिष्ठ रेल अधिकारी पर आदिवासी महिला कर्मचारी से सार्वजनिक दुर्व्यवहार का आरोप, DRM से जांच की मांग

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रायपुर | CG DASTAK

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर मंडल में एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मुख्य आरक्षण कार्यालय में पदस्थ आदिवासी महिला कर्मचारी ने सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) अवधेश त्रिवेदी पर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। मामला अब रेल प्रशासन में चर्चा का विषय बन गया है।

📅 क्या है पूरा मामला?

पीड़ित महिला कर्मचारी कल्पना कृष्णा स्वामी पुल्लेवार (ECRC) के अनुसार, घटना 31 दिसंबर 2025 की शाम करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच की है। वह अपने प्रमोशन से जुड़ी फाइल की स्थिति जानने के लिए मंडल कार्यालय पहुंची थीं।
महिला कर्मचारी का आरोप है कि जब उन्होंने फोन पर सीनियर डीसीएम से विनम्रता से फाइल आगे बढ़ाने का अनुरोध किया, तो अधिकारी अचानक नाराज हो गए और ऊंची आवाज में चिल्लाने लगे।

🗣️ “तुम नहीं जानती मैं कौन हूँ” – सार्वजनिक अपमान का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि सीनियर डीसीएम ने कथित तौर पर कहा—
“तुम मुझे नहीं जानती कि मैं कौन हूँ, मैं तुम्हारा सीनियर डीसीएम हूं।”
आरोप है कि अधिकारी ने पहले ACM चेंबर में 6–7 कर्मचारियों के सामने, और फिर दफ्तर के गेट के बाहर अन्य स्टाफ के समक्ष महिला कर्मचारी को दोबारा अपमानित किया, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा।

🧠 मानसिक प्रताड़ना और आदिवासी महिला होने का मुद्दा
पीड़ित कर्मचारी ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को लिखित शिकायत में कहा है कि—
“एक लोकसेवक होने के नाते वरिष्ठ अधिकारी से संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा होती है। एक आदिवासी महिला कर्मचारी के साथ इस तरह का सार्वजनिक दुर्व्यवहार निंदनीय है।”

मीडिया खबर को लेकर भी विवाद

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विवाद के दौरान सीनियर डीसीएम ने महिला कर्मचारी और उसके भाई से कथित तौर पर कहा—
“तुम ही हो न, जिसने मेरे खिलाफ खबर छपवाई?”
सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी संबंधित अधिकारी मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद कर्मचारियों के मोबाइल की जांच कराने और अन्य प्रशासनिक विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। रेल प्रशासन और मीडिया जगत में उनके व्यवहार को लेकर पहले से चर्चा होती रही है।

⚖️ पीड़िता की प्रमुख मांगें

महिला कर्मचारी ने रेल प्रशासन से मांग की है कि—
• मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराई जाए।
• अभद्र व्यवहार के दोषी अधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

🔍 अब आगे क्या?

फिलहाल मामला DRM स्तर पर विचाराधीन बताया जा रहा है। यदि शिकायत पर औपचारिक जांच शुरू होती है, तो यह मामला रेलवे में कार्यस्थल पर महिला सम्मान और आचरण को लेकर एक अहम नजीर बन सकता है।

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