
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य युवराज पांडे मंगलवार को एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। गरियाबंद के कुम्हारपारा के पास उनकी कार को पीछे से आ रहे एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वाहन का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे में कथावाचक को कोई शारीरिक चोट नहीं आई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

🚗 कथा कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, आचार्य युवराज पांडे साखरा (बसना) में कथा कार्यक्रम संपन्न कर अपने गृह ग्राम अमलीपदर लौट रहे थे। इसी दौरान गरियाबंद के कुम्हारपारा क्षेत्र में पीछे से आ रहे ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन कथावाचक सुरक्षित हैं।
⚠️ “यह सातवां हमला है” — साजिश की जताई आशंका
घटना के बाद आचार्य युवराज पांडे ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि—
“यह मुझ पर सातवां हमला है। मुझे आशंका है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। बार-बार ऐसी घटनाएं हो रही हैं। आखिर कौन है, जो मुझ पर हमला करवा रहा है?”
उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में वे पहले भी प्रशासन को लिखित शिकायत दे चुके हैं।
🛡️ सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने—
कथावाचक को सुरक्षा उपलब्ध कराने, और पूरे मामले की गंभीर व निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस जांच में जुटी
हादसे के बाद आचार्य युवराज पांडे कोतवाली थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित ट्रक को जब्त कर लिया है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि—
यह हादसा दुर्घटना था या साजिश,
सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
🔍 मामला संवेदनशील, प्रशासन पर नजर
कथावाचक द्वारा बार-बार हमले का दावा किए जाने के बाद यह मामला संवेदनशील हो गया है। प्रशासन और पुलिस पर अब सच्चाई सामने लाने और कथावाचक की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।










