
छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को बेचने की साजिश रची थी और दिल्ली के दस जनपथ के दबाव में प्रदेश में जनविरोधी फैसले लिए।
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में हुए घोटालों, पर्यावरणीय स्वीकृतियों में गड़बड़ियों और कथनी-करनी के अंतर को उजागर करते हुए कहा कि कांग्रेस हाई कमान भी भूपेश बघेल का साथ देगी, क्योंकि वे “चोर चोर मौसेरे भाई हैं”।
कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस ने एक ओर पर्यावरण और आदिवासियों की रक्षा की बात की, लेकिन हकीकत यह है कि भूपेश सरकार ने ही हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई के लिए ‘NO GO ZONE’ हटाया।
उन्होंने कहा कि 16 अक्टूबर 2019 में ही राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति की सिफारिश की थी, और 2022 में कोल माइंस राजस्थान को आवंटित की गई। कश्यप ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि वह एक ओर खदानों को स्वीकृति देती है और विपक्ष में आकर उसका विरोध करती है।
आर्थिक नाकेबंदी का आरोप
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आर्थिक नाकेबंदी को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों को नुकसान पहुंचा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़े और अपराध की स्थिति बने। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने नेताओं को बचाने के लिए जनता की बलि चढ़ा रही है। मंत्री कश्यप ने भूपेश बघेल से पूछे कई सवाल, क्या वे यूपीए सरकार में हुए निर्णय के लिए माफी मांगेंगे? क्या वे कांग्रेस भवन की बिजली काटने का साहस दिखाएंगे?
भूपेश बघेल पर तीखा हमला
मंत्री केदार कश्यप ने भूपेश बघेल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल राजनीति चमकाने और खुद को बड़ा नेता साबित करने के लिए भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है, लेकिन जनता सब देख रही है। इसी कारण, पांच वर्षों में ही कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया गया। अब छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की नई लहर चल रही है।










