दुर्ग में आदिवासी विकास परिषद की बैठक: जल-जंगल-जमीन और संस्कृति संरक्षण पर बनी रणनीति

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दुर्ग। CG DASTAK 

देवबलौदा में गोंड समाज के प्रमुखों और छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की वर्तमान स्थिति, स्थानीय चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

चन्द्रकला तारम के नेतृत्व में हुई बैठक

बैठक का आयोजन छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद की प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्रकला तारम के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान परिषद की दुर्ग शाखा के पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्य, नीतियों और आगामी योजनाओं की जानकारी समाज प्रमुखों को दी।

सामाजिक चुनौतियों पर हुई चर्चा

बैठक में देवबलौदा के समाज प्रमुखों ने आदिवासी समाज के सामने मौजूद वर्तमान परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों पर अपने विचार रखे। साथ ही जल-जंगल-जमीन, आदिवासी संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर जोर दिया गया।

समाज के हित में मिलकर काम करने का संकल्प

बैठक में समाज के उत्थान, संगठन को मजबूत बनाने और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की एकता और जागरूकता से ही सामाजिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक अधिकारों की प्रभावी रक्षा संभव है।

ये रहे उपस्थित

बैठक में देवबलौदा समाज प्रमुख अध्यक्ष अनुसुईया मरकाम, लक्ष्मी ध्रुव, महेश्वरी ध्रुव, उषा ठाकुर, रामेश्वरी ठाकुर, गंगा राज, संदीप ठाकुर तथा छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह ठाकुर, महिला जिलाध्यक्ष दिनेश्वरी भुआर्य और त्रिवेणी ठाकुर सहित कई पदाधिकारी एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

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