विधानसभा में गूंजा रायगढ़ के खरसिया में पुलिस अभिरक्षा में रमेश चौहान की मौत की मामला…सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

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विधानसभा में शून्यकाल के जरिए उठाई पुलिस अभिरक्षा मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने विधानसभा में शून्यकाल के माध्यम से रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा में अनुसूचित जाति वर्ग के युवक युवक रमेश चौहान की हुई मौत के गंभीर मामले की ओर सदन का ध्यान आकर्षित कराया।

उन्होंने अपनी शून्यकाल सूचना में कहा कि प्रदेश के पुलिस थानों में हिरासत में लेने के दौरान पुलिस द्वारा मारपीट और प्रताड़ना की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसके कारण कई मामलों में लोगों की मौत होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और कानून व्यवस्था तथा मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में परसकोल हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध युवक रमेश चौहान को हिरासत में लिया था। हिरासत में उसके साथ मारपीट की गई और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे पहले खरसिया अस्पताल, फिर रायगढ़ मेडिकल कॉलेज और बाद में रायपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पुलिस हिरासत के दौरान मारपीट और टॉर्चर के कारण रमेश चौहान के शरीर का एक हिस्सा पैरालाइज हो गया था। सिटी स्कैन में उसके सिर में खून का थक्का जमने की पुष्टि भी हुई थी, जो इस घटना की गंभीरता को दर्शाता है।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि पुलिस हिरासत में मौत जैसे गंभीर मामले के बावजूद गृह विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और केवल संबंधित अधिकारियों को लाइन अटैच कर औपचारिकता निभाई गई है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से न तो पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा और न ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग पाएगी।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और पुलिस व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है तब से दलित और आदिवासी वर्ग के लोगों के खिलाफ लगातार अत्याचार और शोषण की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इसका प्रमुख कारण आरक्षित वर्गों के लोगों के खिलाफ शोषण की घटनाओं में शासन प्रशासन चुप्पी साध लेती है जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद होते है और वे बेधड़क ऐसे घटनाओं को अंजाम देते है। विधायक चातुरी नंद ने दलित और आदिवासी वर्ग के शोषण और अपराधों में कमी लाने शासन प्रशासन को विशेष ध्यान देने की अपील की है।

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