
जम्मू-कश्मीर। ऑपरेशन सिंदूर के करीब 8 महीने बाद एक बार फिर पाकिस्तान ने नापाक हरकत की है। रविवार शाम लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास पाकिस्तान से आए संदिग्ध ड्रोन देखे गए। ये ड्रोन सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में नजर आए, जिसके बाद भारतीय सेना ने काउंटर एक्शन लिया और फॉरवर्ड इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजौरी के नौशेरा सेक्टर में शाम करीब 6:35 बजे गनिया–कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन दिखा, जिस पर मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की गई। इसी समय तेरियाथ के खब्बर गांव के ऊपर एक और ड्रोन देखा गया, जो कलाकोट के धर्मसाल गांव की ओर से आया और आगे भरख की दिशा में बढ़ गया।
पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में LoC के पास शाम 6:25 बजे तैन से टोपा की ओर जाते हुए एक ड्रोन जैसा ऑब्जेक्ट देखा गया, जिसमें ब्लिंकिंग लाइट्स थीं। वहीं सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर के चक बबराल गांव के ऊपर शाम करीब 7:15 बजे एक ड्रोन कई मिनट तक मंडराता रहा और फिर पाकिस्तान की ओर लौट गया।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
लगातार ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। सीमावर्ती इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन के जरिए हथियार या नशीले पदार्थ गिराए जाने की आशंका को लेकर हर एंगल से जांच की जा रही है।
हथियार सप्लाई की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में आईबी के पास घगवाल के पालूरा गांव में ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप बरामद हुई थी, जिसमें पिस्तौल, मैगजीन, कारतूस और एक ग्रेनेड शामिल था। गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।










