
रायपुर। छत्तीसगढ़ ने आज सामाजिक न्याय और समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए राज्य पुलिस विभाग में पहली बार 8 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षक (Police Constable) पद पर चयनित किया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बनी है।
यह चयन वर्ष 2024 की पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत किया गया, जिसमें पहली बार पुरुष और महिला वर्ग के साथ ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए पृथक आरक्षण और आवेदन प्रावधान शामिल किया गया था।
🌈 कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद मिली सफलता
वर्ष 2025 में आयोजित—शारीरिक दक्षता परीक्षा, और उसके बाद हुई लिखित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने हर सामाजिक चुनौती को पीछे छोड़ते हुए यह सफलता अर्जित की। इन सभी ने रायपुर स्थित गरिमा गृह में रहकर तैयारी की।
👮♂️ चयनित 8 ट्रांसजेंडर आरक्षक उम्मीदवारों के नाम—
- भूमि मानिकपुरी
- खुशी ध्रुव
- संजना ध्रुव
- रानू यादव
- पवित्रा चंद्रवंशी
- लक्ष्मी साहू
- अप्सरा जायसवाल
- सुभी यादव
ये प्रतिभागी रायपुर, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा, कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।
हर किसी ने सामाजिक अस्वीकार्यता, पारिवारिक संघर्ष और लंबे समय से चले आ रहे पूर्वाग्रहों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया।
🤝 समर्थन और मार्गदर्शन—इस सफलता का मजबूत आधार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में निम्न संस्थानों और व्यक्तियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा—
- गरिमा गृह टीम
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस
- दासरा रीबिल्ड इंडिया
- युवा संस्था
समाजसेवी—
- हेमंत गजेरी
- रोहन शर्मा
- सुमित साही
- यामिनी यदुवंशी
- त्रिलोक साहू
🌟 छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
यह सफलता केवल चयनित युवाओं की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे ट्रांसजेंडर समुदाय के आत्मसम्मान, अधिकार और सम्मानजनक भविष्य की दिशा में मील का पत्थर है।
छत्तीसगढ़ ने इस कदम के माध्यम से समावेशी शासन, संवेदनशील प्रशासन और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट किया है।










