
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान, अस्मिता और स्वाभिमान के मुद्दे पर प्रस्तावित “छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता यात्रा” को लेकर रायपुर पुलिस आज पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राजधानी में शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से आमापारा से रैली निकालकर राजभवन पहुंचने और राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है। आयोजनकर्ताओं का दावा है कि प्रदेश के 35 समाजों के प्रमुख इस यात्रा के समर्थन में खुलकर आए हैं और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरकर सांस्कृतिक–राजनीतिक संदेश देंगे।
रैली का मुख्य एजेंडा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, बोली–भाषा, परंपरा, तीज–त्योहार और “छत्तीसगढ़ महतारी” के सम्मान की रक्षा बताया जा रहा है। पोस्टर और पत्रक में पारंपरिक वेशभूषा, खेत–खार, महुआ, लोकनृत्य और मानचित्र के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की छवि को केंद्र में रखा गया है, जिसके जरिए आयोजक प्रदेश की जड़ों से जुड़ाव और अस्मिता की भावना को प्रमुखता दे रहे हैं।

प्रशासनिक स्तर पर अनुमान है कि रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं, जिसके चलते ट्रैफिक_diversion और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि रैली शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए धारा–144 और कानून–व्यवस्था संबंधी प्रावधानों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। आयोजकों से तय मार्ग, समय और भीड़ प्रबंधन के पालन की अपील की गई है, साथ ही किसी भी प्रकार के भड़काऊ नारे, उल्लंघन या अव्यवस्था की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सामाजिक संगठनों की ओर से कहा गया है कि महतारी अस्मिता यात्रा अहिंसक और सांस्कृतिक रैली होगी, जिसका उद्देश्य केवल छत्तीसगढ़ी अस्मिता के पक्ष में मजबूत संदेश देना और राज्यपाल के माध्यम से शासन तक अपनी बात पहुंचाना है।











