
गरियाबंद। पीएम आवास योजना में मई महीने की प्रोग्रेस रिपोर्ट में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर के निर्देश पर गठित 4 सदस्यीय जांच टीम ने देर रात तक सभी संदिग्ध पंचायतों में जांच की और रिपोर्ट प्रस्तुत की।

जांच रिपोर्ट के आधार पर मैनपुर जनपद सीईओ श्वेता वर्मा ने ग्राम खजूरपदर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मूचबहाल और धोबनमाल के कुल 5 आवास मित्र और 1 रोजगार सहायक को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।

किन अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई?
बर्खास्त किए गए –
- नरोत्तम यादव (खजूरपदर)
- धनेश्वर यादव (सरईपानी)
- प्रमोद नागेश (नवापारा)
- दयानंद यादव (बजाड़ी)
- सत्यवान साहू (मूचबहाल)
- खीरसिंह बघेल – रोजगार सहायक (धोबनमाल)
तकनीकी सहायक और पंचायतों पर भी गिरी गाज
जियो टैगिंग में गड़बड़ी मिलने के बाद तकनीकी सहायक दीपक ध्रुव, अजित ध्रुव और प्रणय कुमार को नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही सरपंच और सचिवों की जवाबदेही तय करते हुए शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब संतोषजनक न होने पर धारा 40 के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी है।
कैसे पकड़ी गई गड़बड़ी?
- कई आवासों की जियो टैगिंग फर्जी थी
- कई मकान दूसरे लोगों के नाम पर पाए गए
- कागजों में प्रगति दिखाई गई, लेकिन जमीन पर काम नहीं था
- इससे जिले की रैंकिंग कृत्रिम रूप से बढ़ी हुई दिखाई जा रही थी
नए जिला सीईओ प्रखर चंद्राकर ने पद संभालते ही काम की समीक्षा की तो अनियमितताएँ पकड़ी गईं और सख्त जांच का आदेश दिया।
अब बदल जाएगा सिस्टम
गड़बड़ी रोकने के लिए जिला सीईओ ने बड़ा बदलाव लागू करने की तैयारी की है—
- अब पंचायत सचिव सीधे प्रगति रिपोर्ट प्रमाणित करेंगे
- जमीन पर भौतिक सत्यापन कर ऑनलाइन प्रगति का मिलान करेंगे
- बोगस जियो टैगिंग की क्रॉस चेकिंग हर पंचायत में अनिवार्य होगी
- पहले तक योजना की जिम्मेदारी अस्थाई कर्मचारियों पर थी, सचिवों की भूमिका सीमित थी।
जिला पंचायत CEO का बयान
जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा—
“गड़बड़ी प्रमाणित होने पर 5 आवास मित्र और 1 रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया है। तकनीकी सहायक, सरपंच और सचिवों से भी जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”










