
मोहेरा/मगरलोड/धमतरी, छत्तीसगढ़।
प्रधानमंत्री जननमत ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान के अंतर्गत निर्मित सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिर्फ 15 दिन पहले तैयार हुई यह सड़क अब टूटने लगी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है।

जानकारी के अनुसार, पैकेज क्रमांक CG04-59 के तहत L145 मोहेरा से निरई कामारपारा तक लगभग 3.80 किमी लंबी सड़क का निर्माण किया गया है। बोर्ड के मुताबिक निर्माण कार्य 18 जनवरी 2025 से शुरू होकर पूरा हुआ है, लेकिन सड़क की हालत पहले ही पखवाड़े में खराब होना शुरू हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जहाँ-तहाँ गिट्टियाँ बाहर निकल आई हैं, कई जगहों पर गड्ढे बन गए हैं और डामर की परत बेहद पतली है। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि रोलिंग और कम्पैक्शन ठीक से नहीं हुआ और कई हिस्सों में डामर बैठ गया है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है और PMGSY के मानकों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि यदि अभी से ऐसी स्थिति है, तो बरसात में यह सड़क पूरी तरह खराब हो जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच, ठेकेदार पर कार्रवाई, और सड़क की दोबारा मरम्मत/निर्माण की मांग की है।
सरकारी योजनाओं के नाम पर घटिया काम होने की यह घटना एक बार फिर इन परियोजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है।
CG DASTAK इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है।










