Khairagarh : साड़ी बेचने के नाम पर ₹64 हजार की ठगी ने खोला ₹50 करोड़ के साइबर गैंग का भंडाफोड़ — 8 आरोपी गिरफ्तार

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खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ पुलिस ने एक ऐसी सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। इंस्टाग्राम पर साड़ी बेचने के नाम पर हुई ₹64,000 की एक मामूली ऑनलाइन ठगी के मामले ने पुलिस को ₹50 करोड़ के बड़े साइबर फ्रॉड गैंग तक पहुंचा दिया।

💻 छोटी शिकायत, बड़ा खुलासा

मामला खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा की शिकायत से शुरू हुआ। छात्रा ने पुलिस को बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर एक ऑनलाइन पेज से साड़ी खरीदी, लेकिन पेमेंट करने के बाद उसके साथ ₹64,000 की ठगी हो गई। पहली नज़र में मामूली लगने वाला यह केस खैरागढ़ साइबर सेल की जांच में एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट बनकर सामने आया।

 

🎮 “100 बुक” ऐप से जुड़ा ठगी का नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि यह ठगी मुंबई के डोम्बिवली और कल्याण में सक्रिय एक बड़े गिरोह का काम है। ये आरोपी न सिर्फ इंस्टाग्राम पर फर्जी साड़ी सेलिंग पेज बनाते थे, बल्कि “100 बुक” नाम का गेमिंग और बेटिंग ऐप चलाकर भी देशभर में लोगों को ठगते थे।

💰 ₹50 करोड़ का ट्रांजेक्शन और 100 से अधिक फर्जी खाते

साइबर सेल ने आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया, तो सामने आया कि ठगों ने 100 से ज्यादा फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड बना रखे थे, जिनसे करीब ₹50 करोड़ का लेनदेन किया गया था।

🚨 डिलीवरी ब्वॉय बनकर की गई रेकी, फिर छापा

खैरागढ़ पुलिस की टीम ने 7 दिन तक मुंबई में रहकर छापेमारी की तैयारी की। टीम ने खुद को डिलीवरी ब्वॉय बताकर इलाके में रेकी की और सही समय देखकर डोम्बिवली के दो फ्लैटों पर छापा मारकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

👮‍♂️ आरोपियों की पहचान और जब्ती

गिरफ्तार आरोपी — गौतम पंजाबी, पवन सुरूसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अमोल दिवनाने, अभिषेक डंबडे और मनोज मुखिया हैं।

पुलिस ने इनके पास से 5 लैपटॉप, 14 मोबाइल, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए हैं।

राजनांदगांव रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि सभी आरोपियों पर संगठित अपराध और जुआ अधिनियम (Gambling Act) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके साइबर नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है।

⚖️ निष्कर्ष

खैरागढ़ पुलिस की यह कार्रवाई यह साबित करती है कि साइबर अपराधी चाहे देश के किसी भी कोने में हों, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुंचते हैं।

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