
CG Dastak | स्पेशल रिपोर्ट
दिवाली की खुशियों के बीच देश के कई शहरों में एक खतरनाक सोशल-मीडिया ट्रेंड ने कहर बरपाया है। इंस्टाग्राम/यूट्यूब पर वायरल रीलों में दिखाए जा रहे पीवीसी-पाइप/कार्बाइड आधारित घरेलू ‘गन्स’ ने बच्चों और किशोरों को सीधा अस्पताल पहुंचा दिया — भोपाल, विदिशा, ग्वालियर, इंदौर व अन्य स्थानों से मिली अपराधिक रिपोर्ट्स के मुताबिक 200 से अधिक बच्चों/युवकों के घायल होने की सूचनाएँ आयी हैं; कुछ की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से प्रभावित होने की भी खबरें हैं।
क्या हुआ — क्या खतरनाक है
सोशल मीडिया पर इस “फन” की रीलें देखकर कई युवाओं ने इसे नये तरह का जोश माना — पर असल में यह एक तरह का घरेलू विस्फोटक है। छोटे-बड़े विस्फोट, तेज उछाल और उड़ते-छिटके हुए मलबे से आँखों और चेहरे पर गंभीर चोटें आती हैं। भीड़ में खड़े बच्चों पर अचानक हुए झटके, तेज आवाज और चिंगारी भी गंभीर दुष्प्रभाव दे रहे हैं।
महत्वपूर्ण सूचना: हम यहाँ किसी भी तरह की निर्माण विधि, बनावट या इस्तेमाल की तकनीकी जानकारी साझा नहीं कर रहे — क्योंकि ऐसे निर्देश घातक हो सकते हैं और कानून तथा सुरक्षा नीति के विरुद्ध हैं।
रिपोर्ट्स क्या कहती हैं
- कई अस्पतालों के इमरजेंसी वार्डों में कार्बाइड/गन दुर्घटना के घायलों का आना जारी है।
- कुछ मामलों में चेहरे और आंखों पर जलन/झुलसना व तेज चोट के साथ आने की रिपोर्ट हुई है।
- कई परिवारों ने बताया कि बच्चे सोशल-मीडिया कंटेंट देखकर और ट्रेंड की नकल करते हुए जोखिम उठाते रहे।
पुलिस-प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे “डेमो” और दुकान-जैसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और कई स्थानों पर राजस्व/गैरकानूनी विक्रेता व आयोजकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने की खबर है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि यदि कोई ऐसी गतिविधि दिखे तो तुरंत नजदीकी पुलिस को सूचित करें और बच्चों को वहाँ से दूर रखें।
प्राथमिक चिकित्सा — क्या करें (सुरक्षा-केंद्रित सलाह)
आँख में चोट या रासायनिक जलने का संदेह हो तो तुरंत साफ पानी से हल्का धोएँ और फौरन नजदीकी आपातकालीन चिकित्सा केंद्र ले जाएँ।
आँखों पर सीधे हाथ न लगाएँ, पट्टी लगाकर पेशेवर मदद लें।
जले हुए कपड़े को हटाने की कोशिश घर पर न करें — गंभीर जलने पर चिकित्सीय हस्तक्षेप आवश्यक है।
(ध्यान दें: ऊपर के सुझाव सामान्य प्राथमिक सहायता के हैं — कोई भी विस्तृत या जोखिमभरा उपाय न अपनाएँ।)
सोशल मीडिया-प्लेटफॉर्म और अभिभावकों की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल प्लेटफॉर्म पर खतरनाक कंटेंट पर फौरन रिपोर्टिंग और हटाने का काम होना चाहिए। अभिभावकों एवं शिक्षकों से विनती है कि बच्चे-किशोरों के ऑनलाइन व्यवहार पर नजर रखें, किसी भी ‘डियर-डेट/वायरल-चैलेंज’ की नकल से रोकें और सुरक्षित वैकल्पिक गतिविधियों के माध्यम से उत्साह को निर्देशित करें।
प्रशासन को सुझाए गए कदम (तत्काल):
1. सार्वजनिक जगहों पर कार्बाइड/घरेलू गन बनाने और दिखाने पर त्वरित प्रतिबंध एवं गिरफ्तारी।
2. सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म्स को खतरनाक DIY वीडियो हटाने का अनुरोध।
3. स्कूल, क्लबों में सुरक्षा-शिक्षा और दिवाली-विशेष जागरूकता कार्यक्रम।
4. प्रभावित बच्चों के लिए नेत्रविशेषज्ञों व बर्न-यूनिट का नि:शुल्क/सब्सिडी वाला इलाज उपलब्ध कराना।
CG Dastak की अपील:
अगर आपने अपने आस-पास कहीं ऐसी गतिविधि देखी है — तुरंत स्थानीय पुलिस को रिपोर्ट करें, घायल व्यक्ति को डॉक्टर के पास ले जाएँ और सोशल मीडिया पर ऐसे खतरनाक वीडियो को शेयर न करें। बच्चों को समझाइए — कुछ ट्रेंड “कूल” लगते हैं पर वे हमेशा सुरक्षित नहीं होते।










