
गोवा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दिवाली का पर्व भारतीय नौसेना के जांबाज योद्धाओं के बीच आईएनएस विक्रांत पर मनाया। यह लगातार 12वीं बार है जब पीएम मोदी ने दिवाली जवानों के साथ बिताई। उन्होंने नौसैनिकों से बातचीत की, उनके साथ गीत गाए, मिठाई खिलाई और रात का भोजन भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने नौसेना की बहादुरी और देशभक्ति की भावना को नमन करते हुए कहा कि “आईएनएस विक्रांत सिर्फ एक वॉरशिप नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की आत्मनिर्भरता और परिश्रम का प्रतीक है।”

पीएम मोदी रविवार को ही गोवा पहुंच गए थे और उन्होंने नौसेना कर्मियों के साथ पूरा दिन बिताया। उन्होंने करीब 40 मिनट का संबोधन भी दिया, जिसमें उन्होंने कहा —
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“आज का दिन अद्भुत है। एक तरफ समुद्र की अनंतता है और दूसरी तरफ मां भारती के वीर सपूतों की ताकत। आपके साथ रहकर आपकी सांसों को महसूस करना, आपकी आंखों में चमक देखना — यह मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि INS विक्रांत भारत की सामरिक शक्ति और तकनीकी क्षमता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विक्रांत ने पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर कर दिया था। पीएम मोदी ने कहा कि तीनों सेनाओं के जबरदस्त तालमेल ने भारत को गौरव दिलाया और आज वही भावना आत्मनिर्भर भारत के मिशन को सशक्त बना रही है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा —
> “कल रात आईएनएस विक्रांत पर बिताई रात अवर्णनीय थी। आपके चेहरों पर जो उत्साह और गर्व देखा, वह राष्ट्र की असली ताकत है। ऑपरेशन सिंदूर को गीतों ‘कसम सिंदूर की’ के जरिए प्रस्तुत करते देख भावुक हो गया। आप सबकी मेहनत और समर्पण प्रेरणादायक है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से देश के शिपयार्ड्स ने 40 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा उत्पादन और निर्यात में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
> “जब कुछ देश ब्रह्मोस का नाम सुनते हैं, तो उनके मन में डर पैदा हो जाता है,” — प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा।
उन्होंने INS विक्रांत को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की शान बताया और कहा कि जब उन्होंने विक्रांत पर सूर्योदय देखा, तो लगा जैसे भारत का नया अध्याय शुरू हो रहा है। पीएम मोदी ने जवानों के परिवारों को भी दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा —
“आपकी तपस्या, आपका समर्पण और आपकी शक्ति ही भारत की असली रोशनी है। यह दिवाली सदैव यादगार रहेगी।”










