
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन्यजीव संरक्षण कानून के खिलाफ लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। तमनार रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम केराखोल में एक हाथी की मौत करंट लगने से हो गई। यह करंट जंगली सूअर को पकड़ने के लिए बिछाए गए तार में प्रवाहित था।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, आज दोपहर अचानक खेत के पास से जोरदार आवाज आई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि एक हाथी बिजली के करंट की चपेट में आकर गिर गया है। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में पाया कि ग्रामीणों द्वारा जंगली सूअर को भगाने या मारने के लिए खेतों में बिजली के तार बिछाए गए थे, जिनमें सीधा करंट प्रवाहित किया गया था। दुर्भाग्यवश, उसी में एक हाथी फंस गया और उसकी मौत हो गई।
सूत्रों के अनुसार, विभाग ने इस मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों की लगातार मौतें मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को दर्शाती हैं, और ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










