
ग्राम पंचायत प्रेतनडीह में पंचायत कार्यों में सचिव के पति की दखलंदाजी और गोपनीय जानकारी पूर्व सरपंच को देने तथा सचिव द्वारा बोर खनन की राशि के भुगतान हेतु 20 हजार रूपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सरपंच व पंचों ने सीईओ जनपद से की है। विज्ञप्ति में प्रेतनडीह सरपंच दीपक ओगरे ने बताया कि गत 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसके उपरांत बैठक में विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें एक बोर खनन हेतु 85000 रूपये के भुगतान का प्रस्ताव भी पारित हुआ। सचिव द्वारा बिल देखकर प्रस्ताव लिखा गया और सर्वसम्मति से पास हुआ। कुछ देर बाद ही सचिव के पति पंचायत भवन के भीतर आए और बिल व प्रस्ताव का फोटो खींचकर सभी जानकारी पूर्व सरपंच को दे दी। पश्चात सचिव ने डी एस सी भुगतान करने से मना कर दिया। सचिव से सभी पंच एवं सरपंच द्वारा जब भुगतान न करने का कारण पूछा गया, तो वे टालमटोल करने लगीं बाद में सरपंच से अकेले में सचिव और सचिव के पति द्वारा 20000 रूपये घूस की मांग की गई। साथ ही जब तक 10000 एडवांस और बाकी भुगतान के बाद नहीं दोगे तो, भुगतान नहीं करने की बात उन्होंने कही और भुगतान नहीं किया। इससे पहले भी सचिव पर पंचायत के सभी कामों में 40 प्रतिशत घूस मांगने का आरोप लगा था। सीईओ द्वारा सचिव के ट्रांसफर के लिए जिला पंचायत सीईओ को पत्र प्रेषित किया गया था। किंतु अभी तक ट्रांसफर की कार्रवाई नहीं हुई है। 6 माह से पंचायत के सभी लोग सचिव के हस्ताक्षर या अन्य कार्य के लिए परेशान रहते हैं। सरपंच ने यह भी बताया कि सचिव पंचायत भवन सिर्फ बैठक के लिए आती हैं। उनका वर पंचायत से 25 किलोमीटर दूर है। छोटे छोटे कार्यों के लिए भी ग्रामीणों को उनके घर जाना पड़ता है। यही नहीं मृत्यु प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, सामान्य राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए भी 200 से 500 रू प्रति आवेदन में सचिव द्वारा मांगे जाने का आरोप है। इन सभी विषयों की शिकायत पंच, सरपंच ने सीईओ से की है।










