
सरायपाली. जयस्तम्भ चौक पर 21 अगस्त को आयोजित मटका फोड़ प्रतियोगिता ने शहर में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। इस विशाल आयोजन में तीन टीमें देवसराल, चट्टीगिरोला और जैजैपुर ने हिस्सा लिया। इसमें देवसराल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम और द्वितीय पुरस्कार पर कब्जा जमाया।
वहीं चट्टीगिरोला की टीम को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 5000 रुपए की की राशि प्रदान की गई। इस प्रतियोगिता में छोटे बच्चों के लिए भी विशेष मटका फोड़ स्पर्धा आयोजित की गई। इसमें दो बच्चों ने मटका – फोड़कर पुरस्कार जीता। प्रथम – पुरस्कार के रूप में 21000 रुपए की राशि अजय अग्रवाल, अग्रवाल – समाज के अध्यक्ष व राधे कपड़ा दुकान के संचालक ने प्रदान की। – द्वितीय पुरस्कार के रूप में 11000 रुपए जयप्रकाश श्रीवास्तव, श्रीवास्तव कपड़ा बाजार के संचालक की ओर से दिए गए। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल और हिंदू समाज सरायपाली के तत्वावधान में किया गया था। मटका फोड़ प्रतियोगिता शाम 6 बजे शुरू हुई और रात 10 बजे तक चली। तीन चरणों में बांटा गया था। पहले चरण में 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए मटका फोड़ स्पर्धा आयोजित की गई। बच्चों की आंखों पर पट्टी बांधी गई और उन्हें अनुभव के आधार पर जमीन पर रखे मटके को डंडे से फोड़ने का अवसर दिया गया । इस चरण में मटका फोड़ने वाले बच्चों को 500 रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। दूसरे चरण में 10 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं ने भाग लिया। इस चरण में भी भी मटका फोड़ने वाले प्रतिभागियों को 500 रुपए की राशि दी गई। तीसरे और सबसे रोमांचक चरण में टीमें प्रथम और द्वितीय पुरस्कार लिए भिड़ीं। इस चरण में मटके को 25 से 30 फीट की ऊंचाई पर क्रेन से लटकाया गया था। इसमें दही भरा हुआ था। द्वितीय पुरस्कार के लिए देवसराल, चट्टीगिरोला और जैजैपुर की टीमों ने जोरदार प्रयास किए। निर्धारित समय में मटका फोड़ने में चट्टीगिरोला की टीम असफल रही, लेकिन 5 मिनट अतिरिक्त समय के बाद उन्होंने मटका फोड़ा। इसके लिए उन्हें 5000 रुपए का सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इसके बाद बाद द्वितीय पुरस्कार के लिए देवसराल की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मटका फोड़ा और 11000 रुपए का पुरस्कार जीता। प्रथम पुरस्कार के लिए अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने क्रेन पर लटके मटके को फोड़ने का प्रयास किया। रात लगभग 10 बजे देवसराल की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा कर 21000 रुपए का प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में मयंक पाणीग्राही, गुड्डू जायसवाल, विकास महापात्र, अविनाश लाडला, राजू दास, जितेंद्र यादव, वाशु तिवारी, प्रदीप साहू, कौशल पटेल, चंचल उमरेडकर, रोहित शर्मा, नरेंद्र मांझी, शेषाचार्य महाराज, राज गोस्वामी, शिवा जायसवाल, शिवा राणा, आकाश पटेल, अजय यादव, योगेश शर्मा, हिमांशु साहू, अविचल पाणीग्राही, दूजे भट्ट और आशीष निषाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
*सुरक्षा की थी व्यवस्था*
एक ट्रक भूसा, एक एम्बुलेंस, एक क्रेन और एक टैंकर पानी की व्यवस्था की गई थी। क्रेन को रंगबिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। जिसने आयोजन को और आकर्षक बनाया। सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी, ताकि ऊंचाई से गिरने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।
प्रतियोगिता शुरू होते ही पदमपुर रोड को गुरुनानक चौक से बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था ने आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखा। रंगीन लाइटें, डीजे की धुन और पानी की बौछारों ने प्रतिभागियों और दर्शकों का उत्साह दोगुना कर दिया।
