
पाटन। संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा (पाटन) में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता की शक्ति के प्रतीक लोकतंत्र के महापर्व स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता दाऊ कौशल चंद्राकर ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती और महापुरुषों के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना और माल्यार्पण से किया गया। इसके बाद अधिष्ठाता डॉ. वर्मा ने ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि “पाटन की पावन भूमि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमि है। शहीदों के बलिदान और महापुरुषों की आहुति से हमें आजादी मिली है, इसे बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने महाविद्यालय परिवार से निष्ठा और लगन से कार्य कर इसे सर्वोच्च स्थान पर ले जाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दाऊ कौशल चंद्राकर ने ग्रामीण अंचल में कृषि महाविद्यालय संचालित होने को गर्व की बात बताया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और कृषि से रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग न करें, बल्कि अपनी दिनचर्या में पुस्तक पढ़ने की आदत शामिल करें, क्योंकि मोबाइल से कभी-कभी गलत जानकारी मिलती है, जिसका बुरा असर देखने को मिलता है।
इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. सी.आर. नेताम और सहायक प्राध्यापक डॉ. सुशीला ने भी स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहनिशा सिंह राजपूत ने किया। आयोजन में महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
