अब रियल एस्टेट विज्ञापनों में अनिवार्य होगा RERA पंजीकरण नंबर और QR कोड

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पारदर्शिता व उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ RERA ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब राज्य में प्रकाशित या प्रसारित होने वाले सभी रियल एस्टेट विज्ञापनों में RERA पंजीकरण नंबर और RERA की आधिकारिक वेबसाइट का पता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

कहाँ लागू होंगे नए नियम?

RERA ने स्पष्ट किया है कि यह नियम प्रिंट मीडिया, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, ब्रोशर, पोस्टर, होर्डिंग, पंपलेट और अन्य सभी प्रकार के प्रचार माध्यमों पर लागू होगा। विज्ञापन में पंजीकरण नंबर और वेबसाइट पते का फॉन्ट आकार और प्रकार वही होना चाहिए जो प्रमोटर के मोबाइल नंबर और पते के लिए उपयोग किया गया है, ताकि उपभोक्ता इसे आसानी से पढ़ और समझ सकें।

QR कोड से मिलेगी सीधी जानकारी

नए नियमों में एक और महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है—अब प्रत्येक रियल एस्टेट विज्ञापन में RERA द्वारा जारी किया गया QR कोड भी शामिल करना होगा। खरीदार इस QR कोड को स्कैन करके सीधे संबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी RERA की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रोजेक्ट की प्रमाणिकता की जांच करना और भी आसान हो जाएगा।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

RERA ने चेतावनी दी है कि यदि कोई प्रमोटर, एजेंट या विज्ञापन एजेंसी इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करती, तो उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही RERA ने सभी प्रमोटर्स, एजेंट्स और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे उपभोक्ता हितों और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन करें।

क्यों ज़रूरी है यह बदलाव?

रियल एस्टेट सेक्टर में फर्जी विज्ञापन और अधूरी जानकारी के कारण उपभोक्ताओं को कई बार धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। RERA के इन नए नियमों से खरीदारों को प्रोजेक्ट की पूरी और सही जानकारी समय पर मिल सकेगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।

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