विधानसभा क्षेत्र में दो दिन में दूसरी बार शराब तस्करी का मामला

0
135

आमासिवनी इलाके से दोपहिया वाहन में 50 पौवा अवैध शराब के साथ पकड़ा गया आरोपी | लगातार दो दिन में एक ही क्षेत्र से पकड़े गए तस्कर | पुलिस अब जांच में जुटी कि शराब कहां से आ रही, कौन-कौन शामिल

रायपुर, 7 अगस्त 2025:

विधानसभा थाना क्षेत्र में शराब तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने उसी क्षेत्र से दूसरा बड़ा मामला उजागर किया है। 07 अगस्त को पुलिस ने एक दोपहिया वाहन सवार युवक रघु सोनी को 50 पौवा देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। शराब का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया।

📍 कैसे पकड़ा गया आरोपी

एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आमासिवनी इलाके में एक युवक दोपहिया वाहन से शराब लेकर जा रहा है। टीम ने विधानसभा थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके वाहन से अवैध शराब बरामद की गई।

गिरफ्तार आरोपी का नाम:

🔹 रघु सोनी, पिता मधु सोनी, उम्र 32 वर्ष, निवासी – विधानसभा, रायपुर

जब्त सामग्री:

  • 50 पौवा देशी शराब
  • एक दोपहिया वाहन (अनुमानित कीमत ₹45,000)

👮‍♂️ कौन-कौन शामिल रहे कार्रवाई में

इस कार्रवाई में निरीक्षक शिवेन्द्र राजपूत (थाना विधानसभा), प्रभारी निरीक्षक परेश पांडेय, सउनि गेंदूराम नवरंग, प्र.आर. कृपासिंधु पटेल, आर. संजय मरकाम, अमित कुमार एवं प्रकाश पात्रे की सराहनीय भूमिका रही।

⚠️ लगातार दूसरी घटना से उठे गंभीर सवाल

ये विधानसभा क्षेत्र में दो दिनों में दूसरी बड़ी शराब तस्करी की घटना है। इससे पहले इसी क्षेत्र में स्कूटी पर अवैध शराब परिवहन करने वाले दो आरोपी पकड़े गए थे। लगातार दो घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि —

  • शराब आखिर इतनी मात्रा में बाहर आ कहां से रही है?
  • क्या क्षेत्र में कोई सक्रिय कोचिया गैंग काम कर रहा है?
  • क्या स्थानीय शराब दुकानों, उनके स्टाफ या फिर आबकारी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं?
  • क्या सर्कल इंस्पेक्टर प्रकाश देशमुख की जानकारी के बिना यह हो रहा है या सब कुछ मिलीभगत से?

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह में जाने की तैयारी में है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि शराब कहां से आ रही, इस पर गहराई से जांच की जाए और कोचिया तंत्र को जड़ से खत्म किया जाए।

🔎 अब आगे क्या?

रायपुर पुलिस का कहना है कि वह इन मामलों को हल्के में नहीं ले रही। आबकारी विभाग की भूमिका भी अब जांच के घेरे में आ गई है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही स्थानीय दुकानों और उनके संचालन से जुड़े कर्मचारियों की भी जांच हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here