
मुंगेली। छत्तीसगढ़ की मुंगेली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय पेशेवर चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए ऑपरेशन बाज के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों ने जिले के कई पॉश इलाकों में सूने घरों को निशाना बनाकर लाखों की चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये नकद, लाखों रुपये के जेवरात, और अन्य कीमती सामान जब्त करते हुए कुल 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ये चोर चोरी के तुरंत बाद हवाई जहाज से दिल्ली भाग जाते थे, जहां आलीशान होटलों में ठहरकर ऐश की जिंदगी बिताते थे।
🔍 ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़
पिछले कुछ समय से मुंगेली शहर के शांत और रिहायशी इलाकों में लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही थीं। खासकर वे घर, जो कुछ समय के लिए खाली छोड़े गए थे, लगातार चोरों के निशाने पर थे। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने एक विशेष टीम गठित की और “ऑपरेशन बाज” की शुरुआत की गई।
🎥 मॉडर्न कंट्रोल रूम बना सबसे बड़ा हथियार
हाल ही में मुंगेली में शुरू हुआ मॉडर्न कंट्रोल रूम इस ऑपरेशन में गेमचेंजर साबित हुआ। हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल ट्रैकिंग, और डिजिटल निगरानी सिस्टम की मदद से पुलिस ने न केवल चोरों की पहचान की, बल्कि उनकी गतिविधियों को ट्रैक भी किया।
पुलिस टीम ने कड़ी निगरानी के बाद गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के लिए विशेष छापेमारी अभियान चलाया। दिल्ली में पुलिस टीम ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों को धर दबोचा।
👮♂️ गिरोह का नेटवर्क और वारदात का तरीका
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये चोर पेशेवर ढंग से वारदात को अंजाम देते थे।
पहले किसी घर की रेकी करते
परिवार के बाहर जाते ही ताले तोड़ते
महज कुछ मिनटों में नकदी और गहनों को समेटते
और चोरी के बाद तुरंत दिल्ली के लिए हवाई यात्रा कर लेते
वहां वे कुछ दिन आराम करते और फिर अगली योजना बनाते।
📢 पुलिस की अपील और सतर्कता संदेश
पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने बताया कि इस गिरोह को पकड़ना बहुत चुनौतीपूर्ण था लेकिन बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में और आधुनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से सफलता मिल पाई। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लंबे समय के लिए घर छोड़ने पर पड़ोसियों को सूचित करें और सुरक्षा उपाय अपनाएं।
✅ बरामद सामग्री:
₹20 लाख नकद
₹10 लाख से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात
महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल
वारदात में प्रयुक्त एयर टिकट और बैग
📌 निष्कर्ष
मुंगेली पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ एक गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अब अपराधियों के लिए टेक्नोलॉजी के इस दौर में छिपना आसान नहीं रहा। ‘ऑपरेशन बाज’ की यह सफलता आने वाले समय में पुलिस के लिए एक मॉडल केस साबित हो सकती है।










