
रायपुर। जल जीवन मिशन में काम में लेटलतीफी और फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र व दस्तावेजों के सहारे ठेका हासिल करने का मुद्दा सदन में जोरशोर से उठा। विधायक धरमलाल कौशिक के सवाल पर डिप्टी स्पीकर अरुण साव जवाब दे रहे थे। इस बीच धरमलाल ने ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और पूर्व में भुगतान को लेकर तय किए गए मापदंड को लेकर मंत्री से सवाल पूछा। मंत्री के जवाब के बाद विधायक देवेंद्र यादव विधानसभा में मंत्री द्वारा दिए गए जवाब का दस्तावेज हाथों में लहराते हुए कहा कि अफसर लगातार सदन को गुमराह कर रहे हैं। उनका इतना बोलना था कि तेज आवाज में विधायक राजेश मूणत बोलने लगे और देवेंद्र यादव को चुप कराने लगे। इतने में सदन में हंगामा शुरु हो गया। सत्ता व विपक्षी सदस्य शोरगुल करने लगे। शोरगुल और नारेबाजी होते देख, विधानसभा अध्यक्ष आसंदी से उठे और हस्तक्षेप किया। स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
विधायक धरमलाल कौशिक ने उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण) से पूछा कि क्या यह सही है कि 27 फरवरी, 2025 के उत्तर में “राज्य स्तरीय उच्च पावर समिति की अनुशंसा पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जानकारी दी गई थी? यदि हों तो इसकी अद्यतन स्थिति क्या है? (ख) राज्य स्तरीय उच्च पावर समिति के द्वारा कब-कब, क्या-क्या अनुशंसा की गई तथा किन-किन फर्मों व अधिकारियों को दोषी पाया गया और उनके विरूद्ध क्या-क्या कार्यवाही की गई है और यदि नहीं की गई है तो उसके लिये दोषी कौन है? (ग) क्या यह सही है कि प्रश्नांश (क) सत्र में माननीय उप मुख्यमंत्री जी ने घोषणा की थी कि जहां पर जल स्त्रोत नहीं है, वहां पर 60 प्रतिशत से अधिक भुगतान नहीं किया जावेगा? यदि हों तो किन-किन स्थानों पर उक्तानुसार प्रकरण प्राप्त हुए हैं व इन स्थानों पर ठेकेदार फर्म को प्रश्न दिनांक तक कुल कार्य लागत का तथा कुल किये गए कार्य का कितना प्रतिशत भुगतान किया गया है? स्थानवार, ठेकेदार फर्मवार जानकारी देवें।
विधायक के सवाल पर मंत्री ने कहा कि 60 फीसदी राशि के भुगतान का प्रावधान नहीं रखा गया है। उनका इतना कहना था कि भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव हाथ में कागज लहराते अपनी जगह से उठे और विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि इसके पूर्व के विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री ने खुद ही इस बात की जानकारी दी थी कि यह प्रावधान रखा गया है। उनका इतना कहना था कि विधायक राजेश मूणत अपनी जगह से उठे और तेज आवाज में विधायक देवेंद्र यादव को चूप करहने की बात कही। दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ। तीखे संवाद के बीच सत्ता व विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। इस बीच विपक्ष के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा के बीच कुछ देर के लिए सदन की कार्रवाई ठप पड़ गई।
*विधानसभा अध्यक्ष को करना पड़ा हस्तक्षेप*
सदस्यों के बीच आपसी विवाद और हंगामा व नारेबाजी को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह आसंदी से उठे और हस्तक्षेप किया। स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद विधायक शांत हुए और अपनी जगह पर बैठे। तब कहीं जाकर सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हो पाई।
*असंसदीय वार्तालाप को किया विलोपित*
विधायक जब अपनी जगह पर बैठ गए तब विधानसभा अध्यक्ष ने असंसदीय वार्तालाप को कार्रवाई से विलोपित करने की घोषणा की। विधायकों को समझाइश दी कि रजत जयंती वर्ष में विधायक सदन के भीतर अच्छे आचरण करें और अच्छा उदाहरण पेश करें।
*उप मुख्यमंत्री का ऐसा आया जवाब*
राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (शीर्ष समिति) उच्च पॉवर समिति द्वारा 17. फरवरी 2025 को कार्यवाही हेतु अनुशंसा की गई जिसमें मेसर्स विजय वी. सालुंखे के विरूद्ध अनुबंध अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही (जैसे-प्रथम प्राथमिकी दर्ज करना, ब्लेक लिस्ट करना) एवं मेसर्स ए.के. कंस्ट्रक्शन, मेसर्स विक्रम टेली इन्फ्रा, मेसर्स श्री गणपती कंस्ट्रक्शन, मेसर्स आनंद कंस्ट्रक्शन, रायपुर, मेसर्स धर्मेश कुमार, रायपुर, मेसर्स सोमबंसी इनवायरो के विरुद्ध अन्य निविदाओं में मेसर्स विजय वी. साळुंखे की ज्वाईट वेन्बर के रूप में भागीदारी होने पर निविदा दूषित होने पर संबंधित निविदाकार के विरूद्ध भी कठोर कार्यवाही की जावे (जैसे-एकल पंजीयन प्रणाली से विलोपित करना, तीन वर्षों के लिये जल जीवन मिशन के कार्यों से वंचित करना तथा अनुबंध निरस्त करना)। मेसर्स विजय वी. सालुंखे के अनुबंध निरस्त कर एजेंसी के विरूद्ध रायपुर के सिविल लाईन थाने में दिनांक 21.02.2025 को धारा 420, 467, 468, 471 के अंतर्गत एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई। 06 निविदाकारों का जिला सूरजपुर- 06, कोरिया-03 एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर-02 इस प्रकार कुल 11 समूह जल प्रदाय योजनाओं की निविदाओं में अनुभव प्रमाण पत्र के कूटरचित पाये जाने के कारण जिला जल एवं स्वच्छता समिति जिला सूरजपुर, कोरिया एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा समूह जल प्रदाय योजनाओ के अनुबंध निरस्त किया गया है। एकल पंजीयन प्रणाली से विलोपित करने एवं 03 साल तक समस्त निविदाओं में भाग लेने से वंचित करने ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जा रही है। माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर के W.P.C. No. 1263 of 2025, W.P.C. No. 1280 of 2025, W.P.C. No. 1292 of 2025, W.P.C. No. 1354 of 2025, W.P.C. No. 1287 of 2025 एवं W.P.C. No. 1284 of 2025 में पारित आदेश के तारतम्य में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ख) राज्य स्तरीय उच्च पॉवर समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन पर दिनांक 17.02.2025 को कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा की गई-1. अनुबंध अनुसार कार्यवाही के पूर्व यह सुनिश्चित किया जावे कि कार्य की गुणवत्ता एवं माप कानूनन हो। 2. अनुबंध अनुसार क्रियान्वित कार्यों का आंकलन कर भुगतान की कार्यवाही लंबित रखे। 3.
अनुबंध की शर्तों के अनुसार न्यायायिक मापदण्ड अनुसार कार्यवाही की जावे। निविदा आमंत्रण के पूर्व भली भांति समस्त अवयव व अभिलेखों का परीक्षण कर लिया जावे एवं की गई कार्यवाही का वित्त विभाग से अभिमत प्राप्त किया जावे। तपश्चात् रिस्क एण्ड कास्ट के आधार पर निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु कार्यकारिणी समिति को अधिकृत किया जाता है। 4. निविदाकार मेसर्स विजय वी. सालुंखे के विरूद्ध अनुबंध अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही (जैसे-प्रथम प्राथमिकी दर्ज करना, ब्लेक लिस्ट करना) 5. अन्य निविदाओं में मेसर्स विजय वी. साळुंखे की ज्वाईट वेन्चर के रूप में भागीदारी होने पर निविदा दुषित होने पर संबंधित निविदाकार के विरूद्ध भी कठोर कार्यवाही की जावे (जैसे-एकल पंजीयन प्रणाली से विलोपित करना, तीन वर्षों के लिये जल जीवन मिशन के कार्यों से वंचित करना) राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (शीर्ष समिति) उच्च पॉवर समिति द्वारा दिनांक 17.02.2025 को कार्यवाही हेतु अनुशंसा की गई, इसी आधार पर दोषी फर्मों के नाम अनुबंध निरस्त कर एजेंसी के विरूद्ध रायपुर के सिविल लाईन थाने में दिनांक 21. फरवरी 2025 की धारा 420, 467, 468, 471 के अंतर्गत फर्मों काअनुबंध निरस्त कर एकल पंजीयन प्रणाली से विलोपित करने एवं 03 साल तक समस्त निविदाओं में भाग लेने से वंचित करने ब्लैक लिस्ट करने की कार्यवाही की जा रही है।










