राहुल गांधी के साथ आदिवासी नेताओं की अहम बैठक: जल, जंगल, जमीन और अधिकारों पर हुई चर्चा

0
27
Oplus_16908288

रायपुर। नई दिल्ली में राहुल गांधी ने सोमवार को कांग्रेस के आदिवासी नेताओं और विधायकों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से पहुंचे प्रतिनिधियों ने आदिवासी समुदाय से जुड़े मौजूदा हालात पर रिपोर्ट सौंपी और कई ज़रूरी मुद्दे उठाए।

बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, मोहन मरकाम, अनिला भेड़िया, पूर्व राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, विधायक जनकराम ध्रुव, अंबिका मरकाम, विद्यावती सिदार समेत कई वरिष्ठ आदिवासी नेता मौजूद रहे। चर्चा करीब एक घंटे चली, जिसमें जल, जंगल, जमीन से लेकर शिक्षा, धर्म कोड और नेतृत्व निर्माण जैसे मसलों पर फोकस रहा ।

आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की मांग

विधायक जनकराम ध्रुव ने राहुल गांधी के सामने संसद में आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड की मांग को मजबूती से उठाने की बात कही। साथ ही उन्होंने बस्तर और सरगुजा जैसे संवेदनशील आदिवासी इलाकों में युवा नेतृत्व को तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

पेशा कानून का उल्लंघन हो रहा है

ध्रुव ने सीधे आरोप लगाए कि छत्तीसगढ़ सरकार जंगलों की अंधाधुंध कटाई कर रही है और इसमें पेशा कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उनका कहना था कि फर्जी मुठभेड़ों में आदिवासी मारे जा रहे हैं और उनके अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है

फंड का गलत इस्तेमाल

जनकराम ध्रुव ने यह भी दावा किया कि आदिवासी विकास के नाम पर केंद्र से मिलने वाला फंड राज्य सरकार अन्य कामों में खर्च कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया जाए।

भाजपा के ‘वनवासी’ शब्द पर तीखा विरोध

बैठक में मौजूद नेताओं ने भाजपा द्वारा आदिवासियों को “वनवासी” कहे जाने पर तीखा विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान पर हमला है। एक नेता ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, आज हमें वनवासी कह रहे हैं, कल कहीं स्वर्गवासी ना कह दें

बच्चों की शिक्षा भी खतरे में

बैठक में आदिवासी इलाकों में शिक्षा की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई। नेताओं का कहना था कि बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, और ज़मीनी स्तर पर स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

क्या निकला नतीजा?

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here