


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई (सोमवार) से शुरू होने जा रहा है. यह सत्र 18 जुलाई तक चलेगा. सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी. सत्र का समय भले ही कम हो, लेकिन सदन में जोरदार बहस और हंगामे के पूरे आसार हैं. इस बार विधायकों ने कुल 996 सवाल लगाए हैं, जिससे सत्र के गरम रहने की पूरी संभावना है.
सत्र की शुरुआत पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त और अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी. इसके बाद प्रश्नकाल और फिर मंत्री ओ.पी. चौधरी और केदार कश्यप कुछ दस्तावेज पटल पर रखेंगे. इसके अलावा फरवरी-मार्च 2025 सत्र के जो सवाल अधूरे रह गए थे, उनके संकलन को भी सदन में पेश किया जाएगा.
सत्ता पक्ष के भी विधायक पूछेंगे सवाल
सत्ता पक्ष के विधायक भी सरकार से सवाल पूछने को तैयार हैं. भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल अपने क्षेत्र अम्बिकापुर में एम्बुलेंस की कमी का मुद्दा ध्यानाकर्षण के तहत उठाएंगे. पिछले बार भी सत्ता पक्ष से अजय चंद्राकर, राजेश मूणत के कई सवालों ने सुर्खियां बटोरी थी.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ‘रेडी-टू-ईट’ और ‘फोर्टीफाइड आटा’ सप्लाई के लिए आवेदन न करने वाले स्व-सहायता समूहों के चयन को लेकर सरकार पर सवाल उठाएंगे. उनका आरोप है कि नियमों का पालन नहीं किया गया.
