
लम्बर से सिंघाड़ा पहुंच मार्ग पर बिरकोल लात नाला पर निर्मित पुल ग्रामीणों एवं राहगीरों के आवागमन का मुख्य मार्ग है, जिससे होकर प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, व्यवसायी तथा अन्य ग्रामीणजन आवाजाही करते हैं। पुल की सतह पर जगह-जगह सीमेंट एवं कंक्रीट की परत टूट चुकी है, जिसके कारण नीचे की सरिया (लोहे की छड़ें) बाहर आकर दिखाई दे रही हैं। इससे पुल की मजबूती कमजोर हो गई है और लोहा लगातार जंग खा रहा है। पुल के ज्वाइंट पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भरने की स्थिति में वाहन चालकों को गड्ढे दिखते नहीं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालक व पैदल यात्री फिसल सकते हैं। इसके साथ ही कमजोर सतह और बाहर निकली सरिया से वाहन टायर फटने की आशंका रहती है, जिससे दुर्घटना घट सकती है।
इस पुल से रोजाना गुजरने वाले स्कूली बच्चों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है, क्योंकि जर्जर पुल कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।पुल की इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए तत्काल निरीक्षण कराया जाए। आवश्यक मरम्मत कार्य ( सतह पर कंक्रीट बिछाना, ज्वाइंट की मरम्मत, ) कराया जाए।दुर्घटना की आशंका को देखते हुए अस्थायी चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएं ताकि वाहन चालक सावधानीपूर्वक पुल पार कर सकें।
