चिरमिरी में पार्षद राहुल भाई पटेल और युवाओं ने पेश की मानवता की मिसाल: 2 दिन से खाई में गिरी बुजुर्ग महिला को साड़ी-लकड़ी के सहारे निकाल कर पहुंचाया अस्पताल

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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर।

मानवता का अद्भुत उदाहरण पेश करते हुए चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 34 के पार्षद राहुल भाई पटेल और स्थानीय युवाओं के एक समूह ने दो दिन से खाई में गिरी एक बुजुर्ग महिला को साड़ी और लकड़ी के सहारे बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। यह साहसिक और संवेदनशील कार्य न केवल एक जान बचाने वाला बना, बल्कि समाज के लिए प्रेरणास्पद मिसाल भी बन गया।

🟢 कैसे चला महिला के खाई में फंसे होने का पता?

पार्षद राहुल पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि वे आज सुबह नगर निगम कार्यालय जा रहे थे, तभी रास्ते में सन्नी, निशांत और मोंटी ने उन्हें रोका और बताया कि भूकभुकी नाला क्षेत्र के जंगल में खाई में कोई महिला पड़ी हुई दिखाई दी है। यह सूचना मिलते ही राहुल पटेल ने अन्य युवाओं—सुभाष महतो, आर्केश, धीरज देवांगन और अंशु राजवाड़े के साथ मिलकर खाने-पीने का सामान और रस्सी लेकर मौके के लिए रवाना हुए।

🟢 500 फीट गहरी खाई में मिली घायल महिला

करीब 400–500 फीट गहरी खाई में एक बुजुर्ग महिला घायल अवस्था में पड़ी मिली। पूछताछ पर महिला ने बताया कि वह दो दिन पहले बारिश और फिसलन की वजह से ऊपर से गिर गई थी और तभी से वहीं पड़ी थी। महिला ने खुद को “मुन्नी” बताया और अपने बच्चों के नाम लक्ष्मनिया और दुर्गेश बताए।

🟢 जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू

महिला को ढोकर ऊपर लाना असंभव सा था, इसलिए युवाओं ने जंगल से लकड़ियां और अपनी साड़ियां इकट्ठा कर एक अस्थायी स्ट्रेचर बनाया। इसके सहारे महिला को बारी-बारी कंधों पर उठाकर करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर दुबछोला गांव तक लाया गया। वहां से वाहन की मदद से महिला को खड़गवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। महिला की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

 

🟢 अब भी नहीं पता चला घर का पता

चूंकि महिला मानसिक रूप से थोड़ी विचलित लग रही है, इसलिए अपने घर का स्पष्ट पता नहीं बता पा रही है। वह बार-बार अपने बच्चों के नाम दोहराती है लेकिन गांव या मोहल्ले का नाम याद नहीं है। पार्षद राहुल पटेल ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई इस महिला को पहचानता हो या उसके परिवार को जानता हो, तो कृपया सूचना साझा करें।

🟢 सामाजिक सरोकार का सच्चा उदाहरण

इस पूरी घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज भी समाज में ऐसे युवा मौजूद हैं जो बिना किसी स्वार्थ के मानवता की सेवा के लिए हर चुनौती उठाने को तैयार हैं। चिरमिरी के इन साहसी युवाओं और पार्षद की टीम को समाज भर से प्रशंसा मिल रही है।

 

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