
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘महायुद्ध’ की तैयारी: 996 सवालों से सरकार को घेरेगा विपक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र इस बार बेहद हंगामेदार होने वाला है। 14 से 18 जुलाई तक चलने वाले इस छोटे से सत्र के लिए विधायकों ने सवालों की झड़ी लगा दी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के विधायकों ने मिलकर कुल 996 सवाल दागे हैं, जिससे साफ है कि सदन के अंदर सरकार की राह आसान नहीं होगी। विपक्ष हर दिन स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार की घेराबंदी करने की पूरी तैयारी में है।
▪️विपक्ष के तरकश में सवालों के ‘हथियार’, इन मुद्दों पर होगी घेराबंदी▪️
विष्णुदेव साय सरकार को लगभग डेढ़ साल पूरे होने वाले हैं, ऐसे में विपक्ष के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस विधायक दल ने सरकार को घेरने के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है। जिन प्रमुख मुद्दों पर सदन गरमाने की उम्मीद है, वे हैं:
1) कानून व्यवस्था: प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराध की बढ़ती घटनाओं पर विपक्ष सरकार से तीखे सवाल करेगा।
2) किसानों की समस्याएं: किसानों को खाद-बीज की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर सरकार को जवाब देना मुश्किल हो सकता है।
3) अवैध कारोबार: प्रदेश में चल रहे अवैध रेत खनन, अवैध शराब और बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठाएगा।
4) भ्रष्टाचार के आरोप: भारत माला परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा एक बार फिर सदन में गूंजेगा, जिससे माहौल गरमा सकता है।
5) प्रशासनिक गड़बड़ियां: शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) और अन्य विभागीय गड़बड़ियों को लेकर भी सरकार को घेरा जाएगा।
▪️विपक्ष ही नहीं, सत्ता पक्ष के विधायक भी दिखा सकते हैं तेवर▪️
इस बार सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी अपनी ही सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखा सकते हैं। माना जा रहा है कि अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर भाजपा विधायक भी मंत्रियों से सवाल-जवाब कर सकते हैं, जिससे सदन के अंदर की गहमागहमी और बढ़ जाएगी।छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘महायुद्ध’ की तैयारी: 996 सवालों से सरकार को घेरेगा विपक्ष
▪️सरकार का एजेंडा: अनुपूरक बजट और नए विधेयक भी होंगे पेश▪️
हंगामे के बीच सरकार अपना विधायी कामकाज भी पूरा करने की कोशिश करेगी। इस सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। इसके अलावा, राजस्व, आवास एवं पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े कई नए विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है।छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘महायुद्ध’ की तैयारी: 996 सवालों से सरकार को घेरेगा विपक्ष
विपक्ष की आक्रामक रणनीति और सवालों की लंबी लिस्ट को देखते हुए यह तय है कि पांच दिवसीय मानसून सत्र छोटा लेकिन बेहद हंगामेदार और महत्वपूर्ण साबित होगा।छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘महायुद्ध’ की तैयारी: 996 सवालों से सरकार को घेरेगा विपक्ष










