
कांकेर | CG Dastak रिपोर्ट | 9 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने एक बड़े आर्थिक घोटाले का पर्दाफाश किया है। अफशा प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड और आगाज़ इन्फॉर्मल्टी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनियों द्वारा निवेशकों को दोगुना पैसा और गिफ्ट्स का लालच देकर ₹1.15 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दिया गया। मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
🏦 धोखाधड़ी का तरीका: रिटर्न, रिफंड और गाड़ियों का झांसा
जांच के अनुसार, उक्त कंपनियों ने लोगों को यह कहकर लुभाया कि अगर वे निवेश करते हैं, तो उन्हें—
- 2 महीने में राशि दोगुनी,
- 200% नकद रिफंड,
- कार और अन्य महंगे गिफ्ट मिलेंगे।
शुरुआती जांच में ठगी की राशि ₹72 लाख पाई गई थी, लेकिन एजेंट नेटवर्क के माध्यम से ठगी का आंकड़ा ₹1.15 करोड़ तक पहुंच गया।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी और ठिकाने
कांकेर पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है:
- शिवकुमार राजपूत (53) – सरस्वती चौक, पुरानी बस्ती, रायपुर
- गोविन्द बाघ (45) – कोटा, साँईनाथ कॉलोनी, रायपुर
- श्याम कुमार भोई (51) – रावतपुरा, भाटागांव, रायपुर
- विजय कुमार शर्मा (52) – वीर सावरकर नगर, दुर्ग
- अनिल केशरवानी (37) – सुपेला, भिलाई
ये सभी आरोपी रायपुर, भिलाई और दुर्ग जैसे शहरों से पकड़े गए हैं।
⚖️ कानूनी कार्रवाई: दर्ज मामला और धाराएं
इस मामले में थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 154/25 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:
भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 61(2)
छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हित संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 10
कांकेर पुलिस ने बताया कि यह एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। कुछ और लोगों की संलिप्तता की आशंका है।
📌 मुख्य बिंदु:
- कंपनियों ने फर्जी रियल एस्टेट और फॉरेक्स स्कीम में ₹1.15 करोड़ की ठगी की
- निवेशकों को रिफंड, दोगुना रिटर्न और महंगे गिफ्ट्स का लालच दिया गया
- रायपुर, दुर्ग और भिलाई से 5 आरोपी गिरफ्तार
- पुलिस ने IPC और आर्थिक अपराध अधिनियमों के तहत मामला दर्ज किया
- नेटवर्क से जुड़े और लोगों की तलाश जारी










