
छत्तीसगढ़ में स्थानांतरण नीति-2025 के खुलेआम उल्लंघन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) पर संवर्ग सीमा के बाहर पदों पर अवैध स्थानांतरण कराने का गंभीर आरोप लगा है। संघ ने राज्य शासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और निलंबन की मांग की है।
▪️कंडिका 3.14 का हो रहा खुला उल्लंघन▪️
स्थानांतरण नीति-2025 की कंडिका 3.14 के अनुसार, केवल जिला संवर्ग के पदों पर ही स्थानांतरण की अनुमति दी गई है, और यह भी तभी जब कलेक्टर द्वारा इसकी पुष्टि की जाए। लेकिन कई जिलों में CMHO द्वारा कलेक्टर और प्रभारी मंत्री को भ्रामक जानकारी देकर संभागीय एवं राज्य संवर्ग के पदों पर भी ट्रांसफर कराए गए हैं, जो कि शासनादेश का स्पष्ट उल्लंघन है।
▪️राज्य और संभागीय संवर्ग के पदों पर भी आदेश▪️
संघ ने अपनी शिकायत में बताया है कि ट्रांसफर के दायरे से बाहर के स्टाफ नर्स, RMA, नेत्र सहायक अधिकारी, रेडियोग्राफर, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट जैसे राज्य एवं संभागीय संवर्ग के पदों पर भी स्थानांतरण आदेश जारी कराए गए हैं। ये पद केवल राज्य या संभाग स्तर पर ही स्थानांतरित किए जा सकते हैं, न कि जिला स्तर से।
▪️आर्थिक लेनदेन का भी आरोप▪️
संघ ने आरोप लगाया है कि इन अवैध स्थानांतरणों में भारी आर्थिक लेन-देन हुआ है। इससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी न केवल शासनादेश की अवहेलना कर रहे हैं बल्कि भ्रष्टाचार में भी लिप्त हैं।
शासन से की गई मांग
संघ ने मांग की है कि:
दोषी CMHO को तत्काल निलंबित किया जाए।
स्थानांतरण नीति-2025 के विरुद्ध किए गए सभी आदेशों को निरस्त किया जाए।
भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए।










