
कांकेर। CG DASTAK
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बिजली विभाग के कार्यालय में दिवाली गिफ्ट के नाम पर शराब की बोतलें बांटे जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेताओं ने इसका वीडियो बनाकर विरोध जताया और पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्यालय पहुंचकर शराब की बोतलों को जांच के लिए जब्त कर लिया। वहीं, बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता एसके किंडो ने इस मामले में अपनी जानकारी होने से इनकार किया है।
मिठाई की जगह शराब की बोतलें बांटने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, धनतेरस के दिन कांकेर जिले के बिजली विभाग के कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट के नाम पर शराब की बोतलें दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कांकेर ग्रामीण के अध्यक्ष ब्लोमेंद्र यादव को इसकी जानकारी मिली थी। इसके बाद वे विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहां का वीडियो बनाया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि कार्यालय में एक ही तरह की पैकिंग में शराब की बोतलें रखी गई थीं। महिला कर्मचारियों की मौजूदगी में भी कार्यालय के टेबल के ऊपर और नीचे शराब की बोतलें रखी हुई थीं।
यादव ने इस संबंध में कार्यपालन अभियंता से भी सवाल किए, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोतलें कीं जब्त
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंची। वहां रखी शराब की बोतलों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया। पुलिस कार्यपालन अभियंता को पूछताछ के लिए कोतवाली थाना भी लेकर गई थी।

घटना के बाद बिजली विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। कार्यालय के भीतर शराब की बोतलें मिलने के मामले ने जिले में चर्चा का माहौल बना दिया।
कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कांकेर ग्रामीण के अध्यक्ष ब्लोमेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि बिजली विभाग में दीपावली के उपहार के नाम पर शराब बांटी जा रही है। इसी सूचना के आधार पर वे कार्यालय पहुंचे और वहां का वीडियो बनाया।

उनका कहना है कि सरकारी कार्यालय में इस तरह की गतिविधि गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
कार्यपालन अभियंता ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता एसके किंडो ने शराब की बोतलों के कार्यालय में आने के संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है।
उनका कहना है कि जब वे कार्यालय से बाहर थे, तब उन्हें फोन आया। वापस पहुंचने पर टेबल पर तीन बोतलें रखी हुई थीं। ये बोतलें किसके पास से आईं और किसने रखीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई और इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने इस व्यवहार को अशोभनीय बताया।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
फिलहाल इस मामले में कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और बिजली विभाग के अधिकारी के बयान के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस ने कार्यालय से शराब की बोतलें जब्त कर जांच शुरू की है।
जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि शराब की बोतलें कार्यालय में किसने रखीं, उनका उद्देश्य क्या था और क्या वास्तव में उन्हें दिवाली उपहार के रूप में कर्मचारियों को बांटा जाना था।









