छत्तीसगढ़ के 26 साल बाद भी पुल की आस में मांगनार गांव, हर साल ग्रामीण बनाते हैं जुगाड़ का पुल

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दंतेवाड़ा। CG DASTAK 

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ आज अपना 26वां राज्य स्थापना दिवस मना रहा है। इन 26 वर्षों में प्रदेश ने विकास के कई क्षेत्रों में प्रगति की है, लेकिन बस्तर के कुछ गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर बसे मांगनार गांव की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। यहां ग्रामीण पिछले सात-आठ वर्षों से हर साल खुद ही नदी पर अस्थायी पुल बनाकर आवागमन का रास्ता तैयार कर रहे हैं।

गुडरा नदी पर स्थायी पुल नहीं, ग्रामीणों ने निकाला जुगाड़

मांगनार क्षेत्र में गुडरा नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार मांग किए जाने के बावजूद स्थायी पुल नहीं बन पाने की बात ग्रामीणों ने कही है। ऐसे में ग्रामीणों ने अपनी मेहनत से अस्थायी पुल बनाने का तरीका अपनाया।

ग्रामीण नदी के भीतर बांस से गोल घेरे तैयार करते हैं। इन घेरों में बड़े-बड़े पत्थर भरकर पिलर बनाए जाते हैं। इसके बाद पुराने बिजली के पोल इन पिलरों के ऊपर बिछाकर नदी पार करने के लिए रास्ता तैयार किया जाता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब सात-आठ वर्षों से हर साल नदी का जलस्तर कम होने के बाद इसी तरह पुल बनाया जाता है। यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन लोगों के आवागमन की जरूरत को पूरा करने का एक अस्थायी सहारा बनी हुई है।

करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को मिलता है सहारा

जानकारी के अनुसार, इस अस्थायी पुल से कौशलनार समेत आसपास के करीब दो दर्जन गांवों के लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में पुल की समस्या केवल मांगनार गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के कई गांवों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी हुई है।

साल 2025 में भी ग्रामीणों ने पुल बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने की कोशिश की थी। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार अब तक गुडरा नदी पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका है।

बीजापुर से ज्यादा करीब है दंतेवाड़ा का बारसूर

मांगनार पंचायत की भौगोलिक स्थिति भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाती है। जानकारी के मुताबिक, मांगनार पंचायत से बीजापुर जिला मुख्यालय की दूरी करीब 150 किलोमीटर है, जबकि दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय लगभग 50 किलोमीटर दूर है।

इसी वजह से बीजापुर जिले के इन गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दंतेवाड़ा जिले के बारसूर पर निर्भरता बनी हुई है। ऐसे में नदी पर स्थायी पुल नहीं होना स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी, मरीजों को ले जाना चुनौती

गुडरा नदी का जलस्तर बरसात के दौरान बढ़ जाता है। नदी में पानी बढ़ने और बहाव तेज होने पर आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर आपातकालीन परिस्थितियों में पड़ता है।

यदि किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़े, तो नदी पार करना चुनौती बन सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, ऐसे समय में बारसूर की ओर जाने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

स्थायी पुल नहीं होने के कारण लोगों को हर साल अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि बरसात के मौसम में भी आवागमन बाधित न हो।

विधायक से मुख्यमंत्री तक पहुंचाई मांग

ग्रामीणों ने स्थायी पुल निर्माण की मांग क्षेत्रीय विधायक से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही है। मांगनार के सरपंच के मुताबिक, कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर ध्यान दिया जाएगा और गुडरा नदी पर स्थायी पुल बनाने की दिशा में ठोस पहल होगी।

राज्य स्थापना दिवस पर विकास के दावों के बीच बड़ा सवाल

छत्तीसगढ़ अपने गठन के 26 वर्ष पूरे होने पर विकास और उपलब्धियों का उत्सव मना रहा है। वहीं मांगनार जैसे गांवों की स्थिति बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाती है।

जहां ग्रामीण हर साल बांस, पत्थर और पुराने बिजली के पोल की मदद से नदी पर रास्ता बनाते हैं, वहीं स्थायी पुल का इंतजार अब भी जारी है।

सवाल यही है कि मांगनार के ग्रामीणों को हर साल जुगाड़ का पुल बनाने की मजबूरी से कब राहत मिलेगी? क्या गुडरा नदी पर स्थायी पुल बन पाएगा, ताकि आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके?

पत्रकार अशोक कुमार, MCB

नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। स्थायी पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

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