
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता, ब्याज दरों में संभावित सख्ती और वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली के बीच निवेशकों ने कीमती धातुओं में अपनी हिस्सेदारी घटाई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब एक साल के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली।
MCX पर सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी शुक्रवार को सोने और चांदी के वायदा भाव दबाव में रहे। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, 4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाले सोने के वायदा अनुबंध का भाव ₹1,38,419 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसमें ₹4,177 यानी करीब 2.93% की गिरावट रही।

वहीं, 30 नवंबर 2026 एक्सपायरी वाले कॉपर वायदा अनुबंध का भाव ₹1,373.65 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। इसमें ₹20.80 यानी करीब 1.49% की गिरावट रही।
चांदी के भाव को लेकर ध्यान दें: बाजार में अलग-अलग एक्सपायरी वाले अनुबंधों के भाव और गिरावट अलग हो सकती है। इसलिए खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित चांदी अनुबंध का अंतिम भाव और प्रतिशत गिरावट MCX के आधिकारिक आंकड़ों से मिलाना जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी फिसले
अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत गिरकर लगभग 3,881 से 3,899 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गई। कारोबार के दौरान सोना करीब एक साल के निचले स्तर तक पहुंचा।
चांदी भी भारी दबाव में रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 50 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर लगभग 49.27 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया।
आखिर सोना-चांदी में गिरावट क्यों आई?
1. अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंताओं ने बाजार में यह आशंका बढ़ाई कि वहां ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं या आगे और सख्ती की जा सकती है। जब ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ती है, तो सोने जैसी ऐसी संपत्तियों को रखने की अवसर लागत बढ़ जाती है जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। इससे सोने की मांग पर दबाव पड़ सकता है।
2. वैश्विक शेयर बाजार में बिकवाली
शुक्रवार को टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी। बाजार रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ निवेशकों को नकदी जुटाने के लिए अपनी दूसरी संपत्तियां भी बेचनी पड़ी होंगी। ऐसी स्थिति में सोने और चांदी जैसी धातुओं पर भी बिकवाली का दबाव आ सकता है।
3. डॉलर और वैश्विक आर्थिक हालात
अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा, डॉलर की मजबूती और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, सोने-चांदी में रोजाना होने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे कई कारक एक साथ काम करते हैं। इसलिए किसी एक वजह को पूरी गिरावट का कारण मानना उचित नहीं होगा।
क्या सोना-चांदी अभी और सस्ता होगा?
सोने और चांदी की कीमतों में आगे क्या बदलाव होगा, इसका निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है। अगर अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बनी रहती हैं, तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है। दूसरी ओर, वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने या बाजार में खरीदारी लौटने पर कीमतों में सुधार भी हो सकता है।
इसलिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि सोना-चांदी अब लगातार सस्ते होते रहेंगे। निवेशकों को कीमतों के साथ-साथ बाजार की परिस्थितियों और अपनी वित्तीय जरूरतों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
खरीदारों के लिए क्या है संकेत?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना हो सकती है। हालांकि, MCX के वायदा भाव और स्थानीय सराफा बाजार में मिलने वाले गहनों के खुदरा भाव एक जैसे नहीं होते। स्थानीय कीमतों में शुद्धता, मेकिंग चार्ज, कर और अन्य खर्चों का असर भी पड़ता है।
खरीदारी से पहले स्थानीय जौहरी से उसी दिन का भाव, शुद्धता और अंतिम बिल की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। वहीं, निवेश करने वालों को बाजार में तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
30 अक्टूबर को सोने और चांदी में आई तेज गिरावट ने कमोडिटी बाजार का ध्यान खींचा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना करीब एक साल के निचले स्तर तक पहुंचा और चांदी 50 डॉलर प्रति औंस से नीचे चली गई। अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरों की आशंकाएं और वैश्विक बाजार में बिकवाली इस गिरावट के प्रमुख कारकों में शामिल रहे।
अब बाजार की नजर आने वाले आर्थिक आंकड़ों, अमेरिकी मौद्रिक नीति के संकेतों और निवेशकों की खरीदारी पर रहेगी। आने वाले सत्रों में कीमतें किस दिशा में जाती हैं, यह इन कारकों पर निर्भर करेगा।
महत्वपूर्ण सूचना: यह समाचार केवल बाजार की जानकारी के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। सोने, चांदी और कमोडिटी वायदा में निवेश जोखिम के अधीन है।
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