
बिलासपुर।CG DASTAK
बिलासपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित असर और तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका को देखते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न विभागों को राहत और बचाव की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम, बिजली विभाग, स्वास्थ्य सेवाओं और रेलवे को सतर्क रहने को कहा गया है। वहीं, कोनी में 190 पदों के लिए आयोजित होने वाला रोजगार मेला स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है।
कलेक्टर ने सभी विभागों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित विभागों को संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर जरूरी इंतजाम पहले से करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
जिले में कंट्रोल रूम के माध्यम से स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अमले को तुरंत मौके पर भेजने की तैयारी की गई है।
नगर निगम के आठों जोन अलर्ट, जलभराव पर रहेगी नजर
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे ने निगम के सभी आठ जोन को बारिश के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव और अन्य आपात स्थितियों पर नजर रखने को कहा गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शिकायत मिलने पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजने की व्यवस्था की गई है।
बिजली विभाग में 27 से 29 अक्टूबर तक छुट्टियां रद्द
खराब मौसम की आशंका को देखते हुए बिजली विभाग ने 27 से 29 अक्टूबर तक अधिकारियों, कर्मचारियों और लाइन स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
अधीक्षण अभियंता सुरेश जांगड़े के अनुसार, बिजली आपूर्ति में खराबी आने पर उसे जल्द ठीक करने के लिए ठेकेदारों को आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। कर्मचारियों को मोबाइल चालू रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शहर के फ्यूज कॉल सेंटर 24 घंटे चालू रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि बिजली संबंधी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
रेलवे ने यात्रियों को दी जरूरी सलाह
संभावित खराब मौसम को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
मौसम के कारण ट्रेन परिचालन में बदलाव, मार्ग परिवर्तन या ट्रेन रद्द होने जैसी स्थिति बन सकती है। यात्रियों से स्टेशन पर होने वाली उद्घोषणाओं, डिजिटल स्क्रीन और रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से ताजा जानकारी लेते रहने की अपील की गई है।
अरपा-भैंसाझार बैराज के कारण बढ़ सकता है नदी का जलस्तर
मौसम की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन संभाग कोटा के कार्यपालन अभियंता ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
निर्देश के अनुसार, अरपा-भैंसाझार बैराज के गेट खोले जाने पर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को नदी किनारे जाने और जोखिम लेने से बचना चाहिए। बैराज के गेट खोलने के समय और पानी छोड़ने की मात्रा के संबंध में फिलहाल जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कोनी में 190 पदों वाला रोजगार मेला स्थगित
खराब मौसम की आशंका के बीच कोनी में आयोजित होने वाला रोजगार मेला स्थगित कर दिया गया है। इस मेले के माध्यम से 190 पदों पर भर्ती की जानी थी और इसमें विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना थी।
मेले की नई तारीख की जानकारी सामने आने के बाद अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के बारे में सूचना मिल सकेगी।
सिम्स और जिला अस्पताल को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश
संभावित बारिश और आपात स्थितियों को देखते हुए सिम्स, जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने डॉक्टरों, नर्सों और वार्ड ब्वॉय को तैयार रहने को कहा है। कैजुअल्टी और ट्रायज विभाग में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को भी समय पर उपस्थित रहने और जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
28 अक्टूबर को खुलेंगे स्कूल, 29 अक्टूबर पर फैसला बाकी
मौसम अलर्ट के बीच स्कूलों की छुट्टी को लेकर चल रही चर्चाओं पर जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने स्थिति स्पष्ट की है। उनके अनुसार, 28 अ
क्टूबर को जिले के सभी स्कूल निर्धारित समय पर खुलेंगे।
29 अक्टूबर को स्कूलों में छुट्टी रहेगी या नियमित कक्षाएं संचालित होंगी, इसका निर्णय मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद लिया जाएगा। इस संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
यूसीसी पर संभाग स्तरीय बैठक भी निर्धारित
28 अक्टूबर को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर संभाग स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित करने का कार्यक्रम भी निर्धारित है। बैठक दोपहर 12:30 बजे देवकी नंदन दीक्षित सभागृह में होनी है।
इसमें बिलासपुर सहित मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बैठक स्थगित करने की कोई सूचना नहीं दी गई है।
आपात स्थिति में कहां करें संपर्क?
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आपात स्थिति में नागरिक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 07752-471224 या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, जलभराव वाले रास्तों और नदी किनारे जाने से बचें तथा बिजली के टूटे तारों से दूर रहें।
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