रायपुर: योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण

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रायपुर, CG DASTAK 

मृदा परीक्षण की आधुनिक तकनीकों और उपकरणों की मिली जानकारी, NPK सहित सूक्ष्म पोषक तत्वों के विश्लेषण को समझा

रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। शासकीय योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर के रसायन शास्त्र विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने लाभांडी स्थित मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण किया। विभागीय रसायन परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस एक दिवसीय भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण की आधुनिक तकनीकों, प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों के विश्लेषण की व्यावहारिक जानकारी देना था।

मृदा परीक्षण की प्रक्रिया को करीब से समझा

रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोगात्मक रूप में समझने का अवसर मिलता है। मृदा परीक्षण कृषि, पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता का आकलन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विभागीय रसायन परिषद की प्रभारी प्राध्यापक डॉ. यामिनी ठाकुर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों की जानकारी दी गई। सहायक विकास अधिकारी श्रीमती नम्रता शुक्ला ने खेत से मिट्टी का नमूना लेने की सही विधि, नमूने की तैयारी, प्रसंस्करण, छानने और उसके रासायनिक विश्लेषण की प्रक्रिया समझाई।

NPK, पीएच और जैविक कार्बन के परीक्षण की जानकारी

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मिट्टी में मौजूद प्रमुख पोषक तत्वों नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश (NPK) के परीक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मृदा के पीएच, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन के निर्धारण की प्रक्रिया भी समझी।

विद्यार्थियों को आयरन, जिंक, मैंगनीज और कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के विश्लेषण की तकनीकों से भी परिचित कराया गया।

आधुनिक उपकरणों की कार्यप्रणाली समझाई

प्रयोगशाला तकनीशियन सुश्री सुजाता बासु ने ऑटो एनालाइजर, पीएच मीटर और कंडक्टिविटी मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नाइट्रोजन की मात्रा, मिट्टी की अम्लीयता-क्षारीयता और लवणता की जांच से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।

वहीं, प्रयोगशाला तकनीशियन सुश्री नेहा बघेल ने फ्लेम फोटोमीटर, डबल बीम स्पेक्ट्रोफोटोमीटर और एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोफोटोमीटर के कार्य सिद्धांत एवं उपयोग समझाए। उन्होंने पोटाश, फॉस्फोरस और विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों के विश्लेषण के साथ परीक्षण परिणामों के आकलन की प्रक्रिया भी बताई।

विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को मिलेगा बढ़ावा

सहायक संचालक कृषि श्रीमती स्मृति कोल्हे ने शैक्षणिक भ्रमण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को वास्तविक प्रयोगशाला में काम करने की प्रक्रिया समझने और आधुनिक विश्लेषण तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिलता है। इससे विषय संबंधी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का विकास होता है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजली भटनागर ने रसायन शास्त्र विभाग की इस पहल को विद्यार्थी हित में लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए विभाग के सभी सदस्यों की सराहना की।

यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक रहा। इसके माध्यम से उन्हें मृदा रसायन, कृषि विश्लेषण और आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला।

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