दुर्ग में 62 साल पुरानी परंपरा के साथ जला रावण, साइबर रावण दहन से दिया ऑनलाइन ठगी से बचने का संदेश

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दुर्ग-भिलाई। CG DASTAK 

दुर्ग-भिलाई। विजयादशमी के अवसर पर दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में राष्ट्रीय पर्व उत्सव समिति की ओर से दशहरा महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान रावण दहन के साथ दुर्ग शहर की 62 साल पुरानी परंपरा एक बार फिर जीवंत हुई। इस बार आयोजन में मुख्य रावण के साथ पुलिस प्रशासन की ओर से तैयार किए गए साइबर रावण का भी दहन किया गया। इसके जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।

1964 से चली आ रही है रावण दहन की परंपरा

रविशंकर स्टेडियम में दशहरा महोत्सव का आयोजन वर्ष 1964 से लगातार किया जा रहा है। छह दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा दुर्ग शहर के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है। राष्ट्रीय पर्व उत्सव समिति जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से इस आयोजन को करती है।

दशहरा महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों को परंपरा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संदेश देखने को मिलता है।

मुख्य रावण के साथ साइबर रावण का भी दहन

इस बार आयोजन की खास बात साइबर रावण का दहन रहा। मुख्य रावण के पुतले के साथ पुलिस प्रशासन की ओर से तैयार किए गए साइबर रावण को भी जलाया गया। इसके माध्यम से लोगों को डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने और ऑनलाइन ठगी से बचने की अपील की गई।

बदलते दौर में साइबर अपराध लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ऐसे में दशहरा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन के मंच से साइबर सुरक्षा का संदेश देना जागरूकता की दिशा में एक अहम पहल रही।

बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हर साल रावण दहन के माध्यम से अहंकार, अन्याय और बुराइयों के अंत का संदेश दिया जाता है। इस बार साइबर रावण के दहन को भी इसी संदेश से जोड़ते हुए लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।

दुर्ग जिले के अलग-अलग स्थानों पर भी विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें रविशंकर स्टेडियम का दशहरा महोत्सव अपनी 62 साल पुरानी परंपरा के कारण खास रहा।

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