
रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर के थाना पुरानी बस्ती क्षेत्र में एक बार फिर हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और उसके साथियों के खिलाफ एक और गंभीर मामला दर्ज किया गया है। FIR में एक्सटॉर्शन, अवैध वसूली और ऋणियों के संरक्षण अधिनियम की धाराएं शामिल की गई हैं।
⚖️ आरोप: 15 लाख के बदले जबरन वसूले 50.51 लाख रुपए!
कारोबारी गजानंद सिंह की शिकायत पर दर्ज इस FIR के अनुसार, आरोपीगण ने उन्हें 15 लाख रुपये उधार देने के बाद ब्याज के नाम पर लगातार धमकियाँ देकर अब तक 50 लाख 51 हजार रुपए की वसूली कर ली है।
जमीन के कागजात, कोरा चेक और स्टांप पेपर भी आरोपी अपने पास रखे हुए हैं, जिन्हें अब तक वापस नहीं किया गया है।
🔍 आरोपियों के नाम और भूमिका
FIR में इन चार आरोपियों के नाम शामिल हैं:
- रोहित तोमर
- दिव्यांश तोमर (वर्तमान में केंद्रीय जेल रायपुर में न्यायिक रिमांड पर है)
- आकाश मिश्रा (कलेक्शन एजेंट)
- योगेश सिन्हा (कलेक्शन एजेंट)
इन सभी के खिलाफ भादवि की धारा 294, 506, 384, 34 के साथ छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध क्रमांक 253/2025 दर्ज किया गया है।
🧾 शिकायत में क्या कहा गया है?
प्रार्थी गजानंद सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर को शिकायत पत्र प्रस्तुत किया था, जिसे जांच के लिए थाना पुरानी बस्ती भेजा गया। जांच के दौरान प्रार्थी के बयान, दस्तावेज और पेन ड्राइव की जांच की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपीगण ने प्रार्थी से ब्याज की रकम मांगते हुए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि सभी ने मिलकर आपस में षड्यंत्र कर कुल 50 लाख 51 हजार रुपये की वसूली नगद व बैंक ट्रांसफर के जरिए की।
👮♂️ अब तक दर्ज हुई कुल 6 एफआईआर
उल्लेखनीय है कि रोहित तोमर और दिव्यांश तोमर के खिलाफ अब तक दो थाना क्षेत्रों में कुल 6 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
दिव्यांश सिंह इस वक्त जेल में है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
📍 थाना पुरानी बस्ती की कार्यवाही
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की पतासाजी के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। यह मामला राजधानी रायपुर में संगठित उगाही और हिस्ट्रीशीटर गिरोह की जमीन, चेक, स्टांप के माध्यम से कर्ज के नाम पर उगाही के नेटवर्क को उजागर करता है।
रिपोर्ट: CG Dastak | रायपुर ब्यूरो










