अंबिकापुर में नशे में मिले ASI और आरक्षक, पास में लावारिस पड़ी थी INSAS राइफल; दोनों सस्पेंड

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दुर्ग से बंदी को अंबिकापुर केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे पुलिसकर्मी, प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास हुई घटना से सरकारी हथियारों की सुरक्षा पर उठे सवाल

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से पुलिस विभाग की जिम्मेदारी और सरकारी हथियारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और आरक्षक प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास कथित तौर पर नशे की हालत में बेसुध मिले। उनके पास सरकारी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी थी।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, स्थानीय लोगों की सूचना पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राइफल को अपने कब्जे में ले लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की खबर है। मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

बंदी को केंद्रीय जेल छोड़ने आए थे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग से एक बंदी को अंबिकापुर केंद्रीय जेल में दाखिल कराने आए थे। बंदी को जेल में छोड़ने के बाद वे प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास मिले। इसी दौरान उनके कथित तौर पर नशे में होने और सरकारी राइफल के असुरक्षित हालत में पड़े होने की जानकारी सामने आई।

लावारिस राइफल को पुलिस ने कब्जे में लिया

स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने INSAS राइफल को अपने कब्जे में लिया। सरकारी हथियार की सुरक्षा पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर राइफल का लावारिस हालत में मिलना सुरक्षा और ड्यूटी में जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

दुर्ग SSP की कार्रवाई, दोनों निलंबित

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मामले के सामने आने के बाद दुर्ग SSP ने संबंधित ASI और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एक रिपोर्ट में दोनों के नाम ASI जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी बताए गए हैं। विभागीय आदेश और नामों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस विभाग से की जानी चाहिए।

सरकारी हथियारों की सुरक्षा पर सवाल

कैदी को जेल तक सुरक्षित पहुंचाने की ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों का कथित तौर पर नशे की हालत में मिलना और पास में सरकारी राइफल का असुरक्षित हालत में पाया जाना गंभीर मामला है। अब यह महत्वपूर्ण होगा कि विभागीय जांच में घटना की पूरी परिस्थितियां क्या सामने आती हैं और जिम्मेदारी तय करने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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नोट: खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आधिकारिक विभागीय आदेश, नशे की पुष्टि और घटना से संबंधित अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि होने पर खबर अपडेट की जा सकती है।

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