दुर्ग में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला

0

दुर्ग। CG DASTAK 

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म और मारपीट के मामले में फास्ट ट्रैक अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की तीन धाराओं के तहत अलग-अलग सजाएं और जुर्माना लगाया है। फैसले के अनुसार, तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

अदालत ने पीड़िता की सुरक्षा और सहायता को ध्यान में रखते हुए पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा भी की है। इस संबंध में फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का निर्देश दिया गया है।

रात में घर में घुसकर की थी वारदात

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 2 फरवरी 2025 की रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच हुई थी। पीड़िता चुनाव प्रचार से लौटने के बाद अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। दरवाजा खोलने पर एक व्यक्ति जबरन घर में घुस आया।

आरोप के मुताबिक, आरोपी ने महिला के साथ मारपीट की और उनकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी ने उन्हें चुप कराने के लिए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और फिर मौके से भाग गया। इसके बाद पीड़िता ने पड़ोस में रहने वाली महिला को घटना की जानकारी दी।

अगले दिन दर्ज हुई FIR

पीड़िता की शिकायत पर 3 फरवरी 2025 को धमधा थाने में अपराध क्रमांक 17/2025 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 64, 332(बी) और 115(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज किया गया और उनकी निशानदेही पर घटनास्थल का नक्शा तैयार कराया गया। 4 फरवरी को पीड़िता और आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया।

पीड़िता सहित 11 गवाहों के बयान हुए

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, उनकी बेटी, पड़ोस में रहने वाली महिला, अन्य गवाहों, पटवारी, चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों सहित कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। हालांकि, अदालत ने सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराया।

तीन धाराओं में सजा, एक साथ चलेगा कारावास

अदालत ने BNS की धारा 64 के तहत दुष्कर्म के अपराध में 20 साल का सश्रम कारावास और 500 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

BNS की धारा 332(बी) के तहत 7 साल का सश्रम कारावास और 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 115(2) के तहत एक साल का सश्रम कारावास सुनाया गया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।

पीड़िता को आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा

अदालत ने अपने फैसले में पीड़िता की सुरक्षा और सहायता को महत्वपूर्ण माना। पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा करते हुए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का निर्देश दिया गया है।

यह फैसला बुजुर्ग महिला के साथ हुए गंभीर अपराध के मामले में आया है। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया।

छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए पढ़ें www.cgdastak.com

CG Dastak — हर खबर, सीधा सच!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here