
दुर्ग, छत्तीसगढ़। CG DASTAK
दुर्ग, छत्तीसगढ़। दुर्ग जिले के चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में एक महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। मामले में यूट्यूबर हनु नायक पर महिला को थप्पड़ मारने, लात मारने, गाली-गलौज करने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। घटना 7 अक्टूबर की बताई जा रही है। कार्यालय में लगे CCTV कैमरे के फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है।

क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, महिला गोलू बाई का परिवार चौक-चौराहों पर खिलौने बेचकर आजीविका चलाता है। उनकी करीब 14–15 साल की बेटी नेहरू नगर चौक पर सिग्नल में खड़ी कारों के शीशे साफ करती मिली थी। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारियों ने बच्ची को संरक्षण में लेकर कार्यालय बुलाया और उसकी मां से संपर्क किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों ने बच्ची को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के तहत कार्यालय लाया था। सूचना मिलने पर उसकी मां जरूरी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंची। बच्ची के स्कूल जाने को लेकर बातचीत के दौरान विवाद होने का आरोप है।
महिला ने लगाए मारपीट और धमकी के आरोप
चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर ममता साहू और परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि हनु नायक भी कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा और महिला के साथ मारपीट की गई। बीच-बचाव करने पहुंचीं काउंसलर के सामने भी महिला को लात मारने और गाली-गलौज करने के आरोप लगाए गए हैं।

महिला गोलू बाई ने भी कथित मारपीट के बाद कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट में कर्मचारियों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि घटना के दौरान एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
हनु नायक ने क्या पक्ष रखा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल ने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनके मुताबिक, बाद में फोन पर बातचीत के दौरान हनु नायक ने महिला को सड़क पर बच्ची को मारते देखने और बीच-बचाव करने की बात कही थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हनु नायक ने घटना के बाद कलेक्टर को एक शिकायत दी थी, जिसमें परियोजना समन्वयक पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया। पटेल ने इन आरोपों को गलत बताया है। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज और दोनों पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की
मीडिया रिपोर्ट में ASP शोभराज अग्रवाल के हवाले से शिकायत मिलने की पुष्टि की गई है। रिपोर्ट प्रकाशित होने तक FIR दर्ज होने या किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं थी। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: फिलहाल मामले में महिला और चाइल्ड हेल्पलाइन कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान, CCTV फुटेज की जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
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