
बिलासपुर। CG DASTAK
बिलासपुर। गांजा तस्करी से जुड़े मामले में बर्खास्त रेलवे पुलिस कांस्टेबल संतोष राठौर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में चार्जशीट पेश की है। ACB की जांच में कांस्टेबल की घोषित आय और उसके पास मिली संपत्ति के बीच अंतर सामने आने का दावा किया गया है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ACB ने 5 अक्टूबर 2026 को संतोष राठौर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (PC Act) के न्यायालय में अभियोग पत्र यानी चार्जशीट पेश की।
आय 46 लाख, संपत्ति 62 लाख से ज्यादा
ACB के अनुसार, सर्विस पीरियड के दौरान संतोष राठौर की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपये थी।
जांच में उसके पास 62 लाख 28 हजार 137 रुपये की संपत्ति का ब्यौरा मिलने की बात सामने आई है। इस तरह जांच एजेंसी के मुताबिक उसकी आय की तुलना में करीब 16 लाख 19 हजार 796 रुपये अधिक संपत्ति पाई गई।

ACB ने इस संपत्ति और आय के बीच अंतर को लेकर मामला दर्ज कर जांच की थी।
गांजा तस्करों से सांठगांठ का आरोप
संतोष राठौर पहले Government Railway Police (GRP) में पदस्थ था। उस पर आरोप है कि वर्ष 2024 में ट्रेन से गांजा तस्करी करने वालों को पकड़ने के दौरान जब्त गांजा अपने पास रख लिया गया और कथित तौर पर उसे आगे बेचकर बेनामी संपत्ति बनाने का काम किया गया।
जांच में तीन अन्य आरक्षकों—मनु प्रजापति, सौरभ नागवंशी और लक्ष्मण गाइन—की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
आरोप है कि कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करों से रकम लेने और जब्त सामग्री को लेकर नियमों के विपरीत काम किया गया। इस मामले में चारों आरक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
चारों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
जानकारी के मुताबिक GRP बिलासपुर में इस मामले में धारा 20(बी) और NDPS Act की धारा 29 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
मामले में फिलहाल चारों आरोपी बिलासपुर जेल में बंद बताए गए हैं। वहीं संतोष राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला भी चल रहा है।
जांच में मिली संपत्ति और दस्तावेज
ACB ने वर्ष 2024 में संतोष राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। इसके बाद 1 दिसंबर 2024 को बिलासपुर स्थित उसके घर समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई।
जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी आय, खर्च और संपत्ति का मिलान किया गया। ACB का दावा है कि इसी जांच में उसकी आय की तुलना में अधिक संपत्ति सामने आई।
गांजा बेचकर संपत्ति बनाने का आरोप
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि GRP के चारों आरक्षक रेलवे पुलिस की एंटी क्राइम टीम में शामिल थे। उन्हें ट्रेनों में गांजा, नशीली गोलियों, शराब तस्करी और अवैध हथियारों के परिवहन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर भी कार्रवाई करने की अनुमति थी और उन्हें सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट करने की सुविधा थी।
ACB का आरोप है कि इसी व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
संपत्ति में मकान, कार और महंगी बाइक शामिल
पुलिस कार्रवाई के दौरान बर्खास्त आरक्षकों की संपत्ति की भी जांच की गई थी। जांच में मकान, कार और महंगी बाइक जैसी संपत्तियों का उल्लेख सामने आया है। कुछ संपत्तियां रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे जाने की बात भी जांच में सामने आने का दावा किया गया है।
5 अक्टूबर को पेश हुई चार्जशीट
जांच पूरी होने के बाद ACB ने 5 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश (PC Act) के न्यायालय में संतोष राठौर के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया।
संतोष राठौर फिलहाल इस मामले में बिलासपुर जेल में बंद बताया गया है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ACB की जांच में लगाए गए आरोप और चार्जशीट अपने आप में दोष सिद्ध नहीं करते। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।









