
रिपोर्ट: सौरभ सतपथी | महासमुंद, छत्तीसगढ़
महासमुंद जिले के सरायपाली शहर में मानसून की पहली ही बारिश ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण नालियों का गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। शास्त्रीनगर, बस स्टैंड रोड और वार्ड क्रमांक 11 सहित कई इलाकों में लोगों के किचन और बैडरूम तक नाली का पानी भर गया।
शास्त्रीनगर बना जलभराव का केंद्र
शास्त्रीनगर क्षेत्र में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां नाली का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पानी के साथ कीचड़, कीड़े-मकोड़े और यहां तक कि बिच्छू तक घर में घुस आए हैं। नतीजतन, क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर पालिका ने जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की है। इसके अलावा, शहर में चल रहे गौरव पथ निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे नई बनी नालियां धंसक रही हैं और पानी का बहाव अवरुद्ध हो रहा है।
घर बन रहे हैं डबरी, कीचड़ से परेशान लोग
नालियों की सफाई समय पर नहीं होने और निर्माण कार्य के चलते गंदगी घरों तक पहुंच रही है। कई घरों में बदबूदार पानी जमा होने से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या बोले स्थानीय नागरिक?
स्थानीय निवासी राकेश साहू ने बताया, “हमने कई बार पार्षद और नगरपालिका को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब घर के अंदर कीचड़ और बदबू फैली है, बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।”
जनता मांग रही जवाबदेही
स्थानीय लोग नगरपालिका और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जिम्मेदारों पर जल्द सख्त कदम उठाया जाए।










