
📍 लालपुर सरकारी दुकान में उजागर हुआ मामला
राजधानी रायपुर की शराब दुकानों में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। इस बार ओवररेटिंग या कोचियों की नहीं, बल्कि शराब में मिलावट की बात सामने आई है — जो सीधे आम लोगों की जान से खिलवाड़ है।
■ कहां मिला मिलावट का ज़हर?
लालपुर स्थित सरकारी शराब दुकान, जहां सुपरवाइजर शेखर बंजारे तैनात हैं, वहां 229 पेटियों में मिलावटी शराब पाई गई है। आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम ने इस घोटाले का भंडाफोड़ किया है।

■ कौन-कौन शामिल?
बताया गया कि दुकान के कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह मिलावटी कारोबार शुरू किया था ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके।
🔸 जांच टीम: राज्य उड़नदस्ता अधिकारी नीलम किरण सिंह, आबकारी अधिकारी राजेंद्र तिवारी और टीम
🔸 मिलावट: अलग-अलग ब्रांड की बोतलों में

■ सबसे बड़ा सवाल — कौन जिम्मेदार?
अब सवाल उठ रहे हैं कि आबकारी उपायुक्त रामकृष्ण मिश्रा की मौजूदगी में ऐसा गंभीर अपराध कैसे हो गया? क्या आबकारी विभाग में उच्च स्तर पर भी मिलीभगत है?
⚠️ मिलावटी शराब = ज़हर
ये केवल घोटाला नहीं — जनता की ज़िंदगी से खिलवाड़ है। मिलावटी शराब जानलेवा ज़हर भी बन सकती है।
🟨 इस घटना ने एक बार फिर आबकारी विभाग की जवाबदेही और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
