
रायपुर। CG DASTAK
छात्रों का दावा- राज्य में कृषि विषय का B.Ed. कोर्स ही उपलब्ध नहीं, सरकार से योग्यता में राहत और ब्रिज कोर्स शुरू करने की मांग।

खबर:
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित कृषि शिक्षक भर्ती को लेकर कृषि स्नातकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। छात्रों का कहना है कि भर्ती के लिए B.Ed. और TET को अनिवार्य किए जाने से प्रदेश के हजारों कृषि स्नातक आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं। उनका दावा है कि राज्य के करीब 90 प्रतिशत कृषि स्नातकों ने अभी तक न तो B.Ed. किया है और न ही TET उत्तीर्ण किया है।
छात्रों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 तक कृषि शिक्षक भर्ती में B.Ed. और TET अनिवार्य नहीं थे। उनका कहना है कि 13 फरवरी 2026 को जारी नए नियमों के बाद अचानक योग्यता में बदलाव कर दिया गया, जबकि भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आवश्यक योग्यता पूरी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।
छात्रों ने यह भी दावा किया है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी कॉलेज में कृषि विषय का B.Ed. पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा है। ऐसे में कृषि स्नातकों के सामने नई योग्यता पूरी करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। इस संबंध में छात्रों ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर नियमों में राहत देने की मांग की है।
ज्ञापन में छात्रों ने मांग की है कि वर्ष 2026 की कृषि शिक्षक भर्ती में B.Ed. और TET की अनिवार्यता को भर्ती परीक्षा के बाद निर्धारित समयावधि में पूरा करने की अनुमति दी जाए। साथ ही कृषि विषय के लिए अलग ब्रिज कोर्स शुरू करने तथा भविष्य में कृषि विषय आधारित B.Ed. और विशेष शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है।
छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो बड़ी संख्या में योग्य कृषि स्नातक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक निर्णय या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










