पेपर लीक पर सरकार का बड़ा एक्शन: संसद में पेश होगा नया कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगी सुनवाई

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नई दिल्ली। CG DASTAK 

NEET पेपर लीक विवाद, छात्रों के आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार लाएगी संशोधन विधेयक

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक के मामलों पर सख्ती बढ़ाते हुए केंद्र सरकार संसद में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करने जा रही है। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर तेजी से कार्रवाई करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।

यह कदम NEET-UG पेपर लीक मामले, छात्रों के लंबे आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उठाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह विधेयक पेश करेंगे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जा सकेंगे। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई का प्रावधान होगा, ताकि मामलों का जल्द निपटारा किया जा सके। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया जाएगा।

नई दिल्ल  मोदी ने पेपर लक को बताया गंभीर अपराध

23 जुलाई को जारी अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की और कम समय में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और इसी वजह से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्णय लिया गया है।

इसके अगले दिन प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा दिए गए सुझावों के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया।

आंदोलन के बाद आया बड़ा फैसला

NEET-UG पेपर लीक के बाद देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर भी अभियान चला और कई दिनों तक विरोध जारी रहा। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। अब सरकार परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने के लिए कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है।

नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में बनी टास्क फोर्स

सरकार ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन भी किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव दे रही है।

सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य छात्रों का भरोसा मजबूत करना और सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगाना है।

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