
देश में एलपीजी संकट के बीच, केंद्रीय और राज्य प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में 855 FIR दर्ज की गईं और 48,000 सिलेंडरों को जब्त किया गया, जबकि 141 डिस्ट्रीब्यूटरों पर जांच-पड़ताल की गई। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य एलपीजी की काला बाज़ारी और अवैध बिक्री को रोकना है। घरेलू एलपीजी की सप्लाई को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन हर स्तर पर निगरानी कर रहा है। इंडियन ऑयल और अन्य वितरक कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता पूरी तरह से सुरक्षित है और हर दिन लगभग 28 लाख सिलेंडर समय पर ग्राहकों तक पहुँच रहे हैं।
घरेलू एलपीजी सप्लाई बनी सुरक्षित और पर्याप्त ?
हाल के जियोपॉलिटिकल तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार की अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत में घरेलू एलपीजी की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आई है। इंडियन ऑयल ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत वितरण नेटवर्क के माध्यम से ही रिफिल बुक करें। वर्तमान में, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म जैसे SMS और IVRS के माध्यम से लगभग 87 प्रतिशत बुकिंग हो रही हैं, जिससे ग्राहकों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवा मिल रही है। डिलीवरी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC OTP) का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि हर सिलेंडर सही ग्राहक तक पहुंचे।

इंडियन ऑयल ने यह भी बताया कि घरेलू एलपीजी को हमेशा प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योग की तैयारी, आपूर्ति श्रृंखला का मजबूत नेटवर्क और डिजिटल बुकिंग सिस्टम सुनिश्चित करते हैं कि घरों तक सिलेंडर की समय पर और निर्बाध डिलीवरी हो। उपभोक्ताओं को यह समझने की आवश्यकता है कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त है, और कोई भी संकट जैसी स्थिति नहीं है।
साथ ही, प्रशासन ने काला बाज़ारी और अवैध गतिविधियों पर नज़र बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। डिस्ट्रीब्यूटरों और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई, जब्त किए गए सिलेंडरों और दर्ज की गई FIR का उद्देश्य ग्राहकों को एलपीजी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। सरकार और इंडस्ट्री की यह संयुक्त कोशिश सुनिश्चित करती है कि हर घर को समय पर एलपीजी मिले और घरेलू ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।
इस समय, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत वितरण नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से रिफिल बुक करें। यह न केवल आपूर्ति की पारदर्शिता को बढ़ाता है बल्कि काला बाज़ारी और अवैध गतिविधियों को भी रोकता है। वर्तमान में इंडियन ऑयल और अन्य वितरक कंपनियां लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि घरेलू एलपीजी की डिलीवरी सामान्य स्तर पर बनी रहे और किसी भी घर में सिलेंडर की कमी न हो।









