✊ 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मजदूरों का आंदोलन तेज

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चिरमिरी | cg dastak | संवाददाता: Ashok Kumar

कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर, बरतुंगा ओपन कास्ट (चिरमिरी) में क्रमिक भूख हड़ताल, अनिश्चितकालीन अनशन की चेतावनी

चिरमिरी स्थित बरतुंगा ओपन कास्ट माइंस में कार्यरत ठेका श्रमिकों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। मां भारती श्रमिक विकास संगठन के बैनर तले मजदूरों ने पहले क्रमिक भूख हड़ताल शुरू करने और मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन अनशन पर जाने का ऐलान किया है। यह आंदोलन कृष्णा इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ चलाया जा रहा है।

📄 क्या हैं मजदूरों की प्रमुख 12 मांगें?

संगठन द्वारा प्रबंधन को सौंपे गए ज्ञापन में ठेका श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से रखा गया है। प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

  1. हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार तत्काल वेतन भुगतान और लंबित एरियर्स का निपटान।
  2. सभी ठेका श्रमिकों को अनिवार्य बायोमैट्रिक/मैसिक कार्ड जारी कर कार्यस्थल पर उचित व्यवस्था।
  3. राष्ट्रीय/स्थानीय पर्व-त्योहारों (होली, फेस्टिवल आदि) के दिन का वेतन तथा ओवरटाइम का भुगतान।
  4. मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, सुपरवाइजर, ड्राइवर, वेल्डर, हेल्पर आदि से 30 दिन काम लेने पर 26 कार्यदिवस + 4 साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित करना।
  5. कंपनी द्वारा निर्धारित अवकाश के दिन कार्य कराने पर डबल हाजिरी/डबल भुगतान।
  6. कार्य से हटाए गए श्रमिकों को तत्काल पुनः कार्य पर रखने की मांग।
  7. ईपीएफ कटौती की पारदर्शिता—ईपीएफ खाते में नियमित जमा और सभी औपचारिकताओं का पालन।
  8. फर्जी रजिस्टर/हाजिरी की प्रथा बंद हो; जितना काम उतना वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  9. साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य, अवकाश के दिन काम कराने पर ओवरटाइम।
  10. ओपन कास्ट माइंस में आग/धूल के खतरे को देखते हुए सभी श्रमिकों को फायर-प्रूफ वर्दी व सुरक्षा उपकरण।
  11. स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता।
  12. श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन।

चेतावनी: मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन अनशन

संगठन का कहना है कि पहले भी 03/10/2025 को पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब तय समयसीमा में समाधान नहीं निकला तो अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

🗣️ संगठन का आरोप

मजदूरों का आरोप है कि वेतन भुगतान में देरी, ईपीएफ से जुड़ी अनियमितताएं, अवकाश के नियमों की अनदेखी और सुरक्षा इंतजामों की कमी से उनका शोषण हो रहा है। संगठन ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर हाई पावर कमेटी की सिफारिशों को लागू कराने की मांग की है।

cg dastak इस आंदोलन से जुड़े हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।

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