
रायपुर। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन (CGMSC) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में राज्यभर में दवाइयों की उपलब्धता, मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति और स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में किसी भी स्थिति में अत्यावश्यक दवाइयों की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवाइयों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
दवा आपूर्ति के लिए लाइव ट्रैकिंग सिस्टम के निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने दवा आपूर्ति प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए लाइव ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। इस सिस्टम के जरिए अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, स्टॉक की स्थिति और एक्सपायरी डेट की रीयल टाइम जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे दवाइयों की कमी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मांग व आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
गुणवत्ता और उपकरणों पर भी सख्ती
बैठक में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों के गुणवत्ता परीक्षण से जुड़े सभी मापदंडों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही अस्पतालों के लिए आवश्यक कंज्युमेबल सामग्री की निरंतर उपलब्धता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन जिलों द्वारा दवाइयों की मांग भेजे जाने के बावजूद उनका उठाव नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही 31 मार्च 2026 तक सभी अत्यावश्यक मेडिकल उपकरणों की खरीदी पूर्ण करने और प्रयोगशालाओं के लिए रिएजेंट की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मेडिकल कॉलेज और नए संस्थानों का निर्माण
स्वास्थ्य अधोसंरचना को लेकर मंत्री ने महासमुंद, कांकेर और कोरबा मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राज्य में 12 नए नर्सिंग कॉलेज और 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज के निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के भी आदेश दिए गए।
CGMSC अध्यक्ष ने जताया आभार
बैठक के अंत में CGMSC के अध्यक्ष दीपक म्हस्के ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक अत्यंत उपयोगी और सार्थक रही। उन्होंने बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों की शीघ्र समीक्षा कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।










